लखनऊ के फन रिपब्लिक मॉल में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भगवान श्रीराम की 18 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। यह प्रतिमा 1, 5 और 10 के सिक्कों से बनाई गई है और इसका वजन ढाई कुंतल है। लखनऊ, गोरखपुर और कोलकाता के 25 मूर्तिकारों ने इसे 20 दिन की मेहनत से तैयार किया। प्रतिमा का अनावरण 7 अक्टूबर को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया। इस अवसर पर जय श्रीराम के जयकारों और आतिशबाजी से माहौल भक्तिमय बना।
प्रतिमा का निर्माण और रिकॉर्ड:
प्रतिमा बनाने के लिए 25 मूर्तिकारों ने 20 दिन तक कड़ी मेहनत की। सिक्कों को सावधानी से जोड़कर भगवान श्रीराम की पूरी आकृति तैयार की गई। इस कला और आस्था के संगम को एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। यह न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय कला और शिल्प कौशल का अद्वितीय उदाहरण भी है।
जनता और भक्तों की भीड़:
फन रिपब्लिक मॉल में प्रतिमा लगने के बाद लोगों की भीड़ लगातार आ रही है। श्रद्धालु और कला प्रेमी प्रतिमा के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिमा के सामने फोटो खिंचवाने और जय श्रीराम का नारा लगाने का क्रम जारी है। मॉल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें।
प्रतिमा का महत्व:
इस प्रतिमा का मुख्य उद्देश्य आस्था और कला के माध्यम से लोगों को जोड़ना है। सिक्कों से बनाई गई यह विशाल प्रतिमा आर्थिक और धार्मिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। साथ ही, इसे देखकर युवा पीढ़ी में शिल्प कला के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ रही है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का संदेश:
अनावरण के समय डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह की कलाकृतियां आस्था और संस्कृति को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने सभी मूर्तिकारों को उनकी मेहनत और समर्पण के लिए सराहा। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भगवान श्रीराम की इस प्रतिमा से समाज में एकता और सांस्कृतिक जागरूकता भी बढ़ेगी।
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लखनऊ में ढाई कुंतल सिक्कों की प्रभु श्रीराम की प्रतिमा