Lucknow: “सेव उत्तर प्रदेश क्रिकेट” अभियान ने एक नया और रचनात्मक मोड़ लेते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के समक्ष एक बड़ी और महत्वपूर्ण मांग रखी है। अभियान का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री एवं रणजी क्रिकेटर मोहसिन रज़ा ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि उत्तर प्रदेश की विशाल जनसंख्या और प्रतिभा को देखते हुए, प्रदेश को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक की बजाय चार टीमों का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
अभियान द्वारा रखी गईं प्रमुख मांगें
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 4 टीमें: रज़ा ने BCCI से मांग की है कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी और 75 जिलों की विशाल प्रतिभा को अवसर देने के लिए, रणजी ट्रॉफी, अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-17 जैसे सभी राष्ट्रीय फॉर्मेट में प्रदेश की 4-4 टीमें शामिल की जाएं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 4 टीमें: रज़ा ने BCCI से मांग की है कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी और 75 जिलों की विशाल प्रतिभा को अवसर देने के लिए, रणजी ट्रॉफी, अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-17 जैसे सभी राष्ट्रीय फॉर्मेट में प्रदेश की 4-4 टीमें शामिल की जाएं।
UPPL में टीमों की संख्या बढ़ाई जाए: उन्होंने यह भी मांग की कि हाल ही में शुरू हुई यूपी प्रीमियर लीग (UPPL) में टीमों की संख्या 6 से बढ़ाकर कम से कम 15 की जाए। उन्होंने तर्क दिया कि जब पूरे देश के लिए IPL में 10 टीमें हैं, तो 75 जिलों वाले प्रदेश के लिए मात्र 6 टीमें अपर्याप्त हैं।
विशाल प्रतिभा और सीमित अवसर: उन्होंने कहा कि यह मांग इसलिए जरूरी है क्योंकि उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सीमित अवसरों के कारण हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ी हर साल अपना करियर शुरू होने से पहले ही समाप्त करने पर मजबूर हो जाते हैं। एक खिलाड़ी का करियर बहुत छोटा होता है और उसे सही समय पर अवसर मिलना ही न्याय है।
सभी से एकजुट होने की अपील: रज़ा ने वर्तमान UPCA प्रबंधन, सभी जिला संघों, खिलाड़ियों, अभिभावकों और क्रिकेट प्रेमियों से अपील की है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर, प्रदेश हित और खेल हित में इन मांगों का समर्थन करें और अपनी आवाज BCCI तक पहुंचाएं।
यह मांग “सेव उत्तर प्रदेश क्रिकेट” अभियान के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के साथ-साथ, प्रदेश में क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सकारात्मक और रचनात्मक रोडमैप प्रस्तुत करती है।