Lucknow: लखनऊ में जानकीपुरम के सेक्टर-सात में डायरिया के कहर लगातार बढ़ रहा हैं। डायरिया के चलते 50 साल के राजेश कौशल की मौत हो गई थी। जबकि स्वास्थ्य विभाग की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में मौत की वजह सेप्टीसीमिया और अनकंट्रोल ब्लड शुगर बताई गई है।
इस बीच राजेश की मौत के बाद उनके घर मे कोहराम मच गया। पूरे इलाके में सन्नाटा पहले से पसरा था। ऐसे में महिला की चीख पुकार दूर तक गूंजती रही। कई घरों के मरीज अभी भी अस्पतालों में भर्ती है।
घर में राजेश ही थे कमाने वाले
राजेश कौशल की मौत के बाद उनके घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे इकलौते कमाने वाले थे। परिवार में पत्नी रानी के साथ 10 वीं में पढ़ने वाला 16 साल के बेटा अमन है। बेटी स्वप्निल की शादी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छह लोगों की खून की जांच कर 24 लोगों को दवाएं बांटी।
मूल रूप से सीतापुर के थे निवासी
बर्तन बेचने वाले राजेश मूल रूप से सीतापुर के सिधौली के निवासी थे। घरवालों ने बताया कि वह कई दिनों से बलरामपुर अस्पताल में भर्ती थे। शनिवार सुबह उनकी जान चली गई। इलाके में कई दिनों से उल्टी-दस्त के पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इनका जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर के साथ बीकेटी के राम सागर मिश्र अस्पताल में इलाज चल रहा है। गंभीर मरीजों को बलरामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है।
आसपास के इलाके में भी मिल रहे मरीज
सेक्टर-आठ की माया देवी (50), धर्मा (45), चंदन (19) व आरती (16) जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। सेक्टर-तीन की सादिया (15), कामिनी रावत (18) और (55), फातिमा अस्पताल में भर्ती हैं। उनके पति समरजीत सिंह (58) और बेटा अभिषेक सेक्टर-सात की नाजिया (16) भी यहां इलाज करवाने पहुंचीं। सेक्टर-सात की मंजू सिंह भी बीमार हैं। इलाके के छन्नू लाल (50) को भी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीपीएस के पास रहने वाले प्रसून श्रीवास्तव (40), उनकी पत्नी विशेष (35), पिता प्रवेश (72), माता मधुरिमा (67) सहित परिवार के अन्य दो सदस्य भी डायरिया की चपेट में हैं।
बलरामपुर में चल रहा था इलाज
लखनऊ सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने दावा किया कि राजेश कौशल का बलरामपुर अस्पताल में इलाज चल रहा था। अस्पताल की डेथ ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक मौत की वजह डायरिया नहीं है। उनकी जान सेप्टीसीमिया और अनियंत्रित मधुमेह की वजह से गई।