लखनऊ। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अवसर पर मंडल रेलवे चिकित्सालय, बादशाहनगर, लखनऊ में एक विशेष नेत्रदान जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में 60 रेलकर्मियों ने नेत्रदान के शपथ पत्र भरकर जीवन में उजाला फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौरव अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि नेत्रदान ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे अंधकार में जी रहे व्यक्तियों को नई दृष्टि मिल सकती है। उन्होंने कहा, “यह छोटा-सा कदम लाखों आँखों को नई रोशनी दे सकता है। समाज में जागरूकता बढ़ाकर हम नेत्रदान को एक जन-आंदोलन बना सकते हैं।”

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नेत्र प्रत्यारोपण विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. अरुण शर्मा ने आधुनिक नेत्र प्रत्यारोपण तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक कॉर्निया प्रत्यारोपण से दो व्यक्तियों को दृष्टि मिल सकती है, इसलिए नेत्रदान को लेकर भ्रांतियों को दूर करना समय की आवश्यकता है। इसी क्रम में नेत्र चिकित्सक डॉ. बी.एन. चौधरी ने बताया कि भारत में नेत्रदान का प्रतिशत अभी भी केवल 0.002 प्रतिशत है। जागरूकता की कमी और सामाजिक मान्यताएं इसकी बड़ी वजह हैं। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प ले, तो दृष्टिहीनता की समस्या काफी हद तक खत्म की जा सकती है।

सेमिनार का संचालन सहायक मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वी.के. पाठक, डॉ. विनिता गुप्ता, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजना पाटनी, डॉ. जतिंदर कुमार और मुख्य नर्सिंग अधीक्षक सुशीला सहित कई स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित रेलकर्मियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल नेत्रदान करेंगे, बल्कि समाज में इसके प्रति जागरूकता भी फैलाएंगे।