Lucknow: प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को विधानसभा भवन संख्या-80 स्थित सभागार में दोनों विभागों की योजनाओं की संयुक्त समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की योजनाओं से लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। इस अवसर पर पहली बार समय से पूर्व पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित करने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय योजनाओं पर वर्षपर्यंत कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिससे योजनाओं की पहुँच अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सुनिश्चित हो।
बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, कंप्यूटर प्रशिक्षण और शादी अनुदान योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि गांधी जयंती तक अधिक से अधिक पात्र छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
इसके लिए जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए तथा विद्यालय स्तर पर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
शादी अनुदान योजना में प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और समयबद्ध भुगतान पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में ट्रिपल सी और ओ लेवल के अतिरिक्त आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षणों को शामिल करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में उन्होंने वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति, उपकरण वितरण, स्वरोजगार प्रशिक्षण, शादी प्रोत्साहन, दुकान संचालन और नि:शुल्क बस यात्रा सुविधा जैसी योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा इनके प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभागीय स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 3 दिसम्बर 2025 को आयोजित “विश्व दिव्यांग दिवस” पर राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके लिए जनपदों से प्रस्ताव 30 अगस्त 2025 तक आमंत्रित किए जा रहे हैं।
मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए मीडिया, सोशल मीडिया, विद्यालयों, पंचायतों, नगरीय निकायों और स्थानीय शिविरों के माध्यम से व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का जमीनी स्तर तक क्रियान्वयन करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को उत्साहपूर्वक लाभान्वित किया जाए।