लखनऊ में हर्ष फायरिंग: विसर्जन उत्सव में गोलियों की गूँज

रिपोर्ट: सऊद अंसारी

Lucknow: लखनऊ की गोमती नदी के तट पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, आरोप है कि गणेश विसर्जन के दौरान एक युवक द्वारा हर्ष फायरिंग की गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल क्लिप में एक व्यक्ति खुलेआम गोली चलाता दिख रहा है, जबकि उसके आसपास कई अन्य लोग मौजूद हैं। पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और वीडियो की जाँच कर रही है, जिसके आधार पर पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।

वायरल वीडियो का विवरण और जाँच:

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर यह वीडियो गुरुवार को वायरल हुआ। यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि गोमती किनारे उत्सव मना रहे लोगों के बीच एक युवक पिस्तौल से तीन राउंड गोलियाँ चला रहा है। इस तरह सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग करना गंभीर चिंता का विषय है, खासकर जब यह धार्मिक या सांस्कृतिक समारोह के दौरान होता है। क्लिप में दिख रही भीड़ से स्पष्ट होता है कि इस गैर-जिम्मेदाराना कृत्य से किसी की जान को खतरा हो सकता था। पुलिस विभाग ने तत्काल इस मामले की जाँच शुरू कर दी थी, हालाँकि, यह पुष्टि हुई है कि यह घटना पुरानी है।

पुलिस की कार्रवाई और मामले की पुष्टि:

सैरपुर थाने के इंस्पेक्टर ने इस घटना के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह मामला 12 सितंबर का है, न कि हाल ही का। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया था और इस पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग की घटना को विसर्जन के जुलूस के दौरान अंजाम दिया गया था। यह जानकारी इस बात की ओर इशारा करती है कि पुलिस ने वायरल वीडियो से पहले ही इस मामले पर संज्ञान ले लिया था और कानून के दायरे में ज़रूरी कदम उठाए गए थे।



आरोपी की पहचान और उसका कृत्य:

फायरिंग करने वाले आरोपी की पहचान विक्रम यादव के रूप में हुई है। विक्रम यादव सैरपुर इलाके में यादव लोहा भंडार नाम से अपनी दुकान चलाता है। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना गणेश विसर्जन उत्सव के दौरान हुई, जहाँ विक्रम यादव ने हर्ष फायरिंग की। ‘हर्ष फायरिंग’ अक्सर खुशी के मौकों पर जश्न मनाने के लिए की जाती है, लेकिन यह एक गैरकानूनी और खतरनाक प्रथा है, जिससे अक्सर दुखद दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कानून स्पष्ट रूप से सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के हथियारों का उपयोग करने की अनुमति नहीं देता है। आरोपी विक्रम यादव पर कानून के तहत उचित धाराओं में कार्रवाई की गई है, जिससे यह संदेश जाए कि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले ऐसे कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे।

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