रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: कैंसरबाग़ थाना क्षेत्र में ज़ोन 6 के मॉडल हॉउस से मलकागेती फाटक तक के मार्ग पर एक अवैध निर्माण अपने पूरे आकार में खड़ा हो चुका है। दाहिने हाथ पर फाटक से पहले सैलून के सामने निर्माणाधीन फ्लैट लगभग तैयार हैं और केवल फिनिशिंग का काम बाकी है। यह निर्माण मानकों के विपरीत है, लेकिन इसके बावजूद LDA के अधिकारी इसे रोकने में असफल या शायद अंजान बने हुए हैं।
बड़ी बिल्डरों के आगे नतमस्तक अधिकारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बड़े बिल्डरों और एलडीए के क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सांठगांठ के कारण यह अवैध निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। नियमों के बावजूद निर्माण कार्य को रोका नहीं गया और अधिकारी केवल मूक दर्शक बने हैं। इस तरह की गहन अनदेखी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विकास प्राधिकरण के नियम बड़े बिल्डरों के लिए केवल कागजों तक ही सीमित हैं।
विकास प्राधिकरण के नियमों की चुनौती
यह अवैध निर्माण सीधे तौर पर एलडीए के नियमों को चुनौती दे रहा है। ज़ोन 6 में यह निर्माण क्षेत्रीय विकास मानकों के विपरीत है, लेकिन निर्माण की रफ्तार देखकर लगता है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी कोई चिंता नहीं है। कार्यवाही के नाम पर विभागीय अधिकारी केवल औपचारिकताएं निभा रहे हैं और किसी भी ठोस कदम की जानकारी नहीं मिल रही।
किसकी है जवाबदेही?
स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय अधिकारियों की नजर में यह स्पष्ट है कि अवैध निर्माण के पीछे बड़े बिल्डरों का दबाव और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी शामिल है। अब सवाल यह उठता है कि इस पूरे मामले में वास्तविक जिम्मेदार कौन है? क्या विभागीय अधिकारियों को संरक्षण मिला है या उच्च अधिकारियों की नजरों में यह मामला पहले ही ठंडा कर दिया गया है?
कार्रवाई की आवश्यकता
इस अवैध निर्माण की वास्तविक जांच और कार्यवाही एलडीए के उच्च अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए। यह केवल नियमों की पालना का मामला नहीं, बल्कि शहर की विकास नीति और मानकों के पालन की परीक्षा भी है। बिना उचित कार्रवाई के यह उदाहरण दूसरों को भी यही संदेश देगा कि नियमों की अनदेखी की जा सकती है।
कैंसरबाग़ में अवैध रूप से खड़े हो रहे निर्माण ने यह साबित कर दिया है कि बड़े बिल्डरों के दबाव में स्थानीय अधिकारी और विभागीय जिम्मेदार केवल मूक दर्शक बनकर बैठ जाते हैं। अगर उच्च अधिकारियों द्वारा समय पर जांच और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह केवल एक अवैध निर्माण नहीं, बल्कि शहर के विकास मानकों और नियमों की पूरी चुनौती बन जाएगा।

