Video: लखनऊ में सहारा श्री का अपना घर भी सील

रिपोर्ट: सऊद अंसारी



Lucknow: सहारा समूह का साम्राज्य अब अंतिम दौर में प्रवेश कर गया है। राजनीतिक रसूख, शानदार जीवनशैली, फिल्म और क्रिकेट जगत के हस्तियों से बनाई गई रुतबा अब पीछे छूट रही है। सहारा के संस्थापक सुब्रत रॉय के निधन के बाद समूह की प्रॉपर्टीज पर सरकारी कार्रवाई तेज हो गई है। नियम और शर्तों के उल्लंघन को लेकर सरकारी विभागों ने एक के बाद एक संपत्तियों को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया है।




सरकारी जब्ती और टैक्स देनदारी

जिला प्रशासन ने सहारा की संपत्तियों पर देनदारी नहीं चुकाने के कारण कार्रवाई का इशारा किया है। नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अब तक सहारा बाजार समेत लगभग 270 एकड़ जमीन जब्त कर चुकी है। प्रशासन ने सहारा समूह को इस महीने के अंत तक बकाया प्रॉपर्टी शुल्क जमा करने का अंतिम मौका दिया है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि नियमों और शर्तों का उल्लंघन होने पर 170 एकड़ जमीन पर कब्जा किया गया।


19 प्रॉपर्टी की समीक्षा

सहारा समूह ने लखनऊ में अपनी 19 प्रमुख प्रॉपर्टीज की टैक्स देनदारी नहीं चुकाई। जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार बकाया लगभग 20 करोड़ रुपए है। इनमें से चार बड़ी प्रॉपर्टीज पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 15 अन्य प्रॉपर्टीज की समीक्षा चल रही है। प्रशासन ने 30 सितंबर तक बकाया भुगतान का समय दिया है।


नगर निगम की कार्रवाई और योजनाएं

गोमती नगर के उजरियांव और जिया मऊ की जमीन पर सहारा शहर के लिए 1994 में लाइसेंस दिया गया था। इसमें 40 एकड़ ग्रीन बेल्ट शामिल थी, जिसे नगर निगम ने कुछ महीने पहले खाली कराया। अब नगर निगम के सदन में तय होगा कि इस 170 एकड़ जमीन पर भविष्य में क्या विकास किया जाएगा।

1997 में नगर निगम ने नियम उल्लंघन के चलते लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसके अलावा 2012 में सेबी और सहारा के विवाद में सहारा शहर की जमीन को भी कुर्की किया गया। हालांकि, अब तक सेबी की ओर से जमीन मुक्त नहीं की गई।

सहारा की तरफ से दावा किया गया कि कंपनी ने 28 साल में संपत्ति के विकास, निर्माण और मेंटेनेंस पर लगभग 800 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। कंपनी ने नगर निगम के सभी आरोपों को खारिज किया और देरी के लिए निगम को जिम्मेदार ठहराया।

LDA की जब्ती और बायो-डायवर्सिटी पार्क

सहारा ग्रुप को लीज पर दी गई ग्रीन बेल्ट की 100 एकड़ जमीन LDA ने सितंबर 2024 में कब्जे में ली। अब इस जमीन पर पहले चरण में 25 एकड़ में 14 करोड़ रुपए की लागत से शहर का पहला बायो-डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जा रहा है। गोमती नदी के बेसिन में पाई जाने वाली पौधों की विविध प्रजातियों को संरक्षित किया जाएगा।


सहारा बाजार की नीलामी

गोमती नगर, विभूति खंड स्थित सहारा बाजार कॉम्प्लेक्स को बेचने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इसकी ई-नीलामी 10 नवंबर को होगी, जिसकी रिजर्व प्राइस 85 करोड़ रुपए है। यह परिसर वेव मॉल के पास स्थित है और इसे 1987 में 30 साल की लीज पर दिया गया था। लीज 2017 में समाप्त होने के बाद इसका नवीनीकरण नहीं हुआ। मई 2025 में एलडीए ने कब्जा ले लिया और अब इसे बेचने की तैयारी हो रही है।


सहारा की प्रमुख संपत्तियां

सहारागंज मॉल: 100 से ज्यादा ब्रांडेड स्टोर्स, मल्टीप्लेक्स, रेस्त्रां और शोरूम्स।

सहारा श्री का आवास: गोमती नगर में आलीशान कोठी।

गोमती नगर की संपत्तियां: ऑफिस स्पेस, मीडिया ऑफिस और रिहायशी फ्लैट्स।

सहारा भवन: कपूरथला और अलीगंज में स्थित।

सहारा बाजार: विभूति खंड, लीज समय से पहले समाप्त, अब कब्जा और नीलामी।


कुल मिलाकर सहारा समूह की 19 संपत्तियों की समीक्षा चल रही है। ये लगभग 75,000 वर्ग मीटर जमीन पर फैली हैं, जिनमें करीब 50% कॉमर्शियल, बाकी रिहायशी और संस्थागत उपयोग में हैं। इन परिसरों में 1200 लोग रह रहे या काम कर रहे हैं, और 500 से ज्यादा दुकानें हैं।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading