Lucknow: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी-एटीएस) ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के सब जोनल कमांडर और पांच लाख रुपये के इनामी दुदांत अपराधी उमेश सिंह उर्फ नगीना उर्फ डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी सोनभद्र जिले के विण्डमगंज मार्ग पर 22 सितंबर 2025 की सुबह की गई। उसके पास से रिवॉल्वर, पिस्टल, बड़ी संख्या में कारतूस, मोबाइल और लेवी से वसूली गई लगभग 99,500 रुपये की नकदी बरामद हुई।
एटीएस को मिली थी खुफिया जानकारी
झारखंड के पलामू जिले में तीन सितंबर 2025 को सुरक्षा बलों और टीएसपीसी उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद एटीएस को आशंका थी कि इस मुठभेड़ में शामिल कुछ उग्रवादी छिपने के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। इसी कड़ी में खुफिया इनपुट पर एटीएस वाराणसी यूनिट ने सतर्कता बढ़ाई और सोनभद्र जिले में छापेमारी कर उमेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी
गिरफ्तारी के दौरान उमेश सिंह के पास से कई खतरनाक हथियार और सामान मिले। बरामदगी में शामिल हैं:
एक रिवॉल्वर 32 बोर मय कारतूस
एक पिस्टल 9 एमएम मय कारतूस
इंसास राइफल के 14 कारतूस
एसएलआर राइफल के 10 कारतूस
लेवी से वसूला गया 99,500 रुपये नकद
एक कीपैड मोबाइल जिसमें 10 सिम (8 एयरटेल और 2 जियो) लगे मिले
पूछताछ और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। एटीएस ने पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अनुरोध किया है, ताकि पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे संगठन की गतिविधियों पर और बड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
अभियुक्त का आपराधिक इतिहास
उमेश सिंह का आपराधिक इतिहास लंबा है और वह झारखंड के कई मामलों में वांछित है। उसके खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमे इस प्रकार हैं:
थाना नवडीहा बाजार, जनपद पलामू झारखंड – आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत मामला (मु.अ.सं. 74/21)
थाना मनातू, जनपद पलामू झारखंड – आर्म्स एक्ट और यूएपीए समेत गंभीर धाराओं में मामला (मु.अ.सं. 38/25)
थाना मनातू, जनपद पलामू झारखंड – आर्म्स एक्ट और यूएपीए के तहत दूसरा मामला (मु.अ.सं. 56/25)
थाना नवा जयपुर, जनपद पलामू झारखंड – आर्म्स एक्ट और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मामला (मु.अ.सं. 44/25)
थाना पलामू झारखंड – विभिन्न धाराओं में दर्ज एक और मुकदमा (मु.अ.सं. 59/25)
एटीएस की बड़ी सफलता
उत्तर प्रदेश एटीएस के लिए यह गिरफ्तारी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लंबे समय से वांछित और झारखंड पुलिस को चुनौती दे रहे इस उग्रवादी की गिरफ्तारी से संगठन की कमर टूटने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, बरामद हथियार और नकदी संगठन की गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश की ओर इशारा करते हैं।
उग्रवादी संगठन का कमांडर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद!

