लखनऊ में आवारा कुत्तों की नसबंदी का प्रशिक्षण…

रिपोर्ट: सऊद अंसारी


Lucknow: आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उनकी आबादी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से, लखनऊ में देश का पहला एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) प्रशिक्षण केंद्र शुरू हो गया है। लखनऊ नगर निगम, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए एक समझौते के तहत स्थापित इस केंद्र का संचालन ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स नामक संस्था द्वारा किया जाएगा। इस केंद्र में पशु चिकित्सकों, पैरा वेट स्टाफ और एनिमल हैंडलर्स को कुत्तों की नसबंदी (स्टेरिलाइजेशन) के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।


प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और शुल्क


पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 दिनों का होगा, जिसमें प्रतिभागियों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक, दोनों तरह का ज्ञान दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पेशेवर न केवल एबीसी नियमों को जानेंगे बल्कि उन्हें नसबंदी की प्रक्रिया में दक्षता भी मिलेगी। प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से शुल्क निर्धारित किया गया है:


पशु चिकित्सकों के लिए: ₹5000
पैरा वेट्स के लिए: ₹1500
एनिमल हैंडलर्स के लिए: ₹1000


यह शुल्क आवेदन पत्र और निर्धारित शुल्क के साथ पशु कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया और आगामी सत्र
प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले उम्मीदवार लखनऊ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट lmc.up.nic.in पर जाकर आवेदन पत्र निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। नगर निगम ने बताया है कि इस प्रशिक्षण केंद्र का पहला सत्र नवंबर माह से शुरू करने की योजना है। यह पहल उन पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जो पशु कल्याण और नियंत्रण के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं।


एबीसी नियम 2023 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश


यह प्रशिक्षण केंद्र एबीसी डॉग रूल्स 2023 और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार स्थापित किया गया है। इन नियमों का उद्देश्य देश में कुत्तों की बढ़ती आक्रामक प्रवृत्ति और मानव-पशु संघर्ष को कम करना है। नगर निगम इस केंद्र के माध्यम से पेशेवर स्टाफ को प्रशिक्षित कर कुत्तों के जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाना चाहता है। यह कदम न केवल शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करेगा, बल्कि मानव और पशु के बीच एक बेहतर संतुलन बनाने में भी मदद करेगा।

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