एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (M.C. Saxena College of Engineering & Technology), लखनऊ (Lucknow) में ईएमटी (EMT – Emergency Medical Technician) ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। 40 दिन के कोर्स में शामिल 25 ट्रेनियों को खाने के बाद डायरिया और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखे, जिसके बाद उन्हें बलरामपुर चिकित्सालय (Balrampur Hospital) और टीबी सह संयुक्त चिकित्सालय ठाकुरगंज (T.B. Joint Hospital Thakurganj) में भर्ती कराया गया। सभी प्रशिक्षुओं को कम से कम 24 घंटे अस्पताल में रखने की सलाह दी गई है।

ट्रेनियों ने जताई शिकायतें:
अखिल कुमार, जो इस कोर्स में ट्रेनिंग ले रहे हैं, ने बताया कि 40 दिन के इस कोर्स के लिए उन्होंने 45 हजार रुपये का डीडी जमा किया है और कोर्स पूरा होने के बाद 108 इमरजेंसी की एम्बुलेंस में EMT पद पर तैनाती होनी है। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के 20 दिन में ही उनकी तबीयत खराब हो गई। अखिल ने खाने की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई और कहा कि सलाद कड़वी और प्याज में तीखापन रहता है। उन्होंने कहा, “ऐसा खाना मैंने आज तक जीवन में कभी नहीं खाया था। कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।”
मेस में कीड़े मिलने की शिकायत:
कासगंज (Kasganj) के श्यामवीर ने बताया कि मेस में कई बार कीड़े और कीटनाशक मिलते हैं। सब्जियों में सप्ताह में कई बार सरसों पीसकर मिलाया जाता है, जिससे उनकी तबीयत खराब होती है। उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ और कई ट्रेनियों ने मेस का खाना अब खाना बंद कर दिया है।
वायरल फीवर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं:
बलरामपुर चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि बुखार जैसे लक्षण आमतौर पर फूड पॉइजनिंग से नहीं आते। कई प्रशिक्षुओं में वायरल फीवर के लक्षण भी देखे गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि खाने के अलावा पानी या अन्य परिस्थितियों की वजह से भी स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी प्रशिक्षुओं की स्थिति स्थिर है और कोई क्रिटिकल कंडीशन में नहीं है।
प्रशिक्षियों की वर्तमान स्थिति:
21 जनवरी की रात खाना खाने के बाद ही प्रशिक्षुओं की तबियत बिगड़ गई थी। वर्तमान में बलरामपुर और ठाकुरगंज के अस्पतालों में भर्ती सभी प्रशिक्षुओं की निगरानी की जा रही है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और आवश्यक चिकित्सीय सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच:
मुख्य चिकित्साधिकारी लखनऊ (Chief Medical Officer, Lucknow) के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नजर रखी हुई है। फूड सुरक्षा और औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration) अनुभाग को सूचित किया गया है और खाना बनाने वाली टीम, पानी की गुणवत्ता और मेस की साफ-सफाई की जांच के आदेश दिए गए हैं।
आगे की रणनीति:
स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रशिक्षुओं की देखरेख के लिए विशेष टीम बनाई है। सभी आवश्यक जांच, फूड सैंपलिंग और पर्यावरणीय निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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