लखनऊ (Lucknow) में नई बस सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उस समय अलग दृश्य देखने को मिला, जब परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के इंतजार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल करीब 20 मिनट तक सड़क किनारे खड़े रहे। निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद भी जब परिवहन मंत्री नहीं पहुंचे तो आशीष पटेल ने थोड़ी दूरी पर स्थित अपने आवास से कुर्सी मंगवाई और पेड़ के नीचे बैठकर प्रतीक्षा की। लगभग एक घंटे बाद दया शंकर सिंह के पहुंचने पर दोनों मंत्रियों ने संयुक्त रूप से बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
नई बस सेवा का शुभारंभ:
माल एवेन्यू-1 (Mall Avenue-1) से लखनऊ-चित्रकूट नई बस सेवा की शुरुआत सुबह 10 बजे प्रस्तावित थी। कार्यक्रम के अनुसार दोनों मंत्रियों को बस को चित्रकूट (हनुमानगंज) के लिए रवाना करना था। आशीष पटेल समय पर पहुंचे, जबकि दया शंकर सिंह लगभग 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इसके बाद औपचारिक रूप से बस सेवा का शुभारंभ किया गया।
देरी पर आशीष पटेल की टिप्पणी:
कार्यक्रम के दौरान देरी को लेकर आशीष पटेल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिनका हृदय बड़ा होता है, उनके पास लोगों की संख्या भी अधिक होती है और ऐसे में देर से आना स्वाभाविक हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन मंत्री किसी को मना नहीं कर पाते और सभी की मांगों को पूरा करने का प्रयास करते हैं। आशीष पटेल के अनुसार उनकी एक मांग भी परिवहन मंत्री ने पूरी की है।
देरी का सिलसिला पहले भी चर्चा में:
परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह के कार्यक्रमों में देर से पहुंचने की चर्चा पहले भी होती रही है। पूर्व में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी हल्के अंदाज में इस पर टिप्पणी की थी कि मंत्री समय पर आ गए हैं, उम्मीद है बसों की टाइमिंग भी सुधर जाएगी। यह टिप्पणी उस समय की गई थी जब परिवहन विभाग के एक बड़े कार्यक्रम में नई बसों और डिजिटल बस ट्रैकिंग सिस्टम का शुभारंभ हुआ था।
इन मार्गों से होकर जाएगी बस:
नई बस सेवा लखनऊ से चित्रकूट के बीच ऊंचाहार, लेहदरी गंगा पुल, सिराथू और राजापुर होते हुए चित्रकूट के हनुमानगंज तक पहुंचेगी। यह मार्ग धार्मिक और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रूट माना जा रहा है। हनुमानगंज, प्रसिद्ध स्थल हनुमानधारा से सटे गांव का नाम है।
आशीष पटेल के अनुसार यह बस जिन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, वे अपेक्षाकृत पिछड़े इलाके हैं। सिराथू के बाद बस धाता जाएगी और वहां से राजापुर होते हुए कर्वी की ओर न जाकर लालता रोड (मऊ) की तरफ से हनुमानगंज पहुंचेगी। इससे क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक और ग्रामीण यात्रियों को सुविधा:
चित्रकूट धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। नई बस सेवा से श्रद्धालुओं को सीधी और सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। परिवहन विभाग के अनुसार यात्रियों की मांग को देखते हुए इस रूट पर नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
लखनऊ से चित्रकूट रूट का समय:
आलमबाग (Alambagh) से सुबह 8:30 बजे बस प्रस्थान करेगी। 10:30 बजे रायबरेली (80 किमी), 11:30 बजे ऊंचाहार (118 किमी), 12:15 बजे सिराथू (154 किमी), 01:15 बजे राजापुर (201 किमी) और दोपहर 02:15 बजे चित्रकूट के हनुमानगंज (247 किमी) पहुंचेगी।
चित्रकूट से वापसी का समय:
चित्रकूट के हनुमानगंज से दोपहर 03:30 बजे बस रवाना होगी। 04:30 बजे राजापुर (33 किमी), 05:30 बजे सिराथू (93 किमी), 06:15 बजे ऊंचाहार (129 किमी), 07:15 बजे रायबरेली (167 किमी) और रात 09:15 बजे आलमबाग (247 किमी) पहुंचेगी।
इस नई बस सेवा से लखनऊ और चित्रकूट के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ है, जिससे क्षेत्रीय आवागमन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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