लखनऊ (Lucknow) में कुछ स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह पोस्टर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद (Murshidabad) में बन रही बाबरी मस्जिद से जुड़े बताए जा रहे हैं। पोस्टरों के सामने आने के बाद शहर के कई हिस्सों में लोगों के बीच बातचीत का विषय यही बना हुआ है। मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पोस्टर लगाने का दावा:
विश्व हिंदू रक्षा परिषद (Vishva Hindu Raksha Parishad) की ओर से पोस्टर लगाए जाने का दावा किया गया है। इन पोस्टरों में संगठन से जुड़े नारे और संदेश लिखे गए हैं। पोस्टरों में “हुमायूँ हम आएंगे, बाबरी फिर से गिराएंगे”, “बटोंगे तो कटोगे” जैसे वाक्यांश दर्ज हैं। साथ ही यह भी लिखा गया है कि हिंदुओं की विरोधी सरकार में इस बार मुर्शिदाबाद में आर-पार होगा। पोस्टरों की भाषा और संदेश को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा बनी हुई है।
मुर्शिदाबाद से जुड़ा एलान:
पोस्टरों में 10 फरवरी को मुर्शिदाबाद पहुंचने का एलान विश्व हिंदू रक्षा परिषद की तरफ से किए जाने की बात कही गई है। इसी क्रम में 11 फरवरी से मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होने का उल्लेख भी पोस्टरों में किया गया है। इन बिंदुओं को लेकर पोस्टरों में स्पष्ट तौर पर तिथियों का जिक्र किया गया है, जिसे लेकर लोगों में जिज्ञासा और सवाल दोनों सामने आ रहे हैं।
पोस्टर में दिखाई गई तस्वीरें:
लगाए गए पोस्टरों में हुमायूँ कबीर (Humayun Kabir) को मुगल आक्रांता के रूप में दिखाया गया है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की फोटो भी पोस्टरों में लगाई गई है। तस्वीरों और संदेशों के इस संयोजन को लेकर शहर में अलग-अलग राय सामने आ रही है।
लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर पोस्टर:
जानकारी के अनुसार लखनऊ के 1090 चौराहा (1090 Chauraha), अंबेडकर चौराहा (Ambedkar Chauraha), हजरतगंज चौराहा (Hazratganj Chauraha) सहित शहर के अलग-अलग हिस्सों में ये पोस्टर लगाए गए हैं। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर दिखाई देने के कारण यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया। राहगीरों और स्थानीय निवासियों की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, जिसके बाद इसकी तस्वीरें और बातें आपस में साझा की जाने लगीं।
शहर में बनी चर्चा का माहौल:
पोस्टरों के सामने आने के बाद लखनऊ में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोग पोस्टरों में लिखी बातों, उसमें दर्शाए गए संदेशों और तस्वीरों को लेकर अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे संगठन की गतिविधि के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे संवेदनशील मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं।
प्रशासन की नजर:
हालांकि उपलब्ध जानकारी में किसी कार्रवाई या आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों में प्रशासन की नजर स्थिति पर बनी रहती है। सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों और उनसे उत्पन्न चर्चाओं को लेकर कानून-व्यवस्था के पहलू पर भी ध्यान दिया जाता है। इसी कारण यह मामला स्थानीय स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है।
मुद्दे की पृष्ठभूमि:
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण से जुड़ी खबरों के संदर्भ में यह पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई है। पोस्टरों में लिखे गए नारों और एलानों ने लखनऊ में इस विषय को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल यह मामला पोस्टरों तक सीमित है, लेकिन इसके सामाजिक असर को लेकर लोग सतर्क नजर आ रहे हैं।
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