मुख़्तार अंसारी के सज़ा पर पियूष राय का बड़ा बयान…

उत्तर प्रदेश में 59 साल के मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर 59 मुकदमें दर्ज हैं. इस वजह से मुख्तार अंसारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है. वहीं बुधवार को मुख्तार अंसारी को एक मामले में सात साल की सजा सुनाई गई है. ये बीते 34 सालों में पहली बार है जब मुख़्तार अंसारी को सजा सुनाई गई है. हालांकि इन 59 मुकदमों में से ज्यादातर मुकदमें गाजीपुर (Ghazipur) जिले में दर्ज हैं.

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साल 2003 में लखनऊ जेल में बंद रहे तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी से कुछ लोग जेल में मिलने के लिए पहुंचे थे. असलहों से लैस होकर मुलाकात करने पहुंचे लोगों की तत्कालीन जेलर ने जब तलाशी लेनी चाहिए, तो मुख्तार अंसारी ने इस पर एतराज जताया. आरोप लगा कि इसी दौरान मुख्तार ने जेलर पर पिस्टल तान दी थी और जान से मारने की धमकी दिया था। मामले में तत्कालीन जेलर रहे एसके अवस्थी ने लखनऊ के आलमबाग थाने में एफआईआर दर्ज कराया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस आपराधिक मामले में मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने मुख्तार को तीन अलग-अलग धाराओं के तहत अधिकतम 7 साल की सजा सुनाई गई है. 

अगर मुख्तार अंसारी के राजनीतिक करियर पर नजर डालें तो 1996 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी. जिसके बाद से मऊ सदर सीट पर 2017 तक मुख्तार अंसारी की लगातार पांच बार विधायकी रही. जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी सीट अपने बेटे को सुपुर्द कर दी.

वहीं बात यदि मुख़्तार अंसारी के पैतृक निवास मोहम्दाबाद विधानसभा की करें तो यहां 2002 से पहले मुख़्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी विधायक रहें। बीजेपी ने कृष्णानंद राय को 2002 में गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से चुनाव लड़ाया और वह जीत गए. 

कृष्णानंद राय ने 17 साल बाद अंसारी परिवार से सीट छीन ली थी. मुख्तार के बड़े भाई अफजाल चुनाव हार गए थे. लेकिन तीन साल बाद ही कृष्णानंद राय की हत्या कर दी गई. इस घटना को लेकर कई सारे आरोप लगे कई लोगों का नाम सामने आया लेकिन सीबीआई ने मुख्तार अंसारी को क्लीन चिट दे दिया फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में है।

कहानियां कई हैं लेकिन अब 34 साल बाद एक मामले में मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया गया है इसी के साथ ही पूर्व विधायक स्वर्गीय कृष्णानंद राय के पुत्र पीयूष राय ने मीडिया से वार्ता करते हुए फैसले का स्वागत किया है। साथ ही न्यायपालिका पर अटूट भरोसा जताया है।

बृहस्पतिवार को गाजीपुर के सिंचाई विभाग स्थित आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। पूर्व की सरकारों की मदद से मुख्तार अंसारी संगीन घटनाओं को अंजाम देता रहा है। उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत और सम्मान करता हूं। कहा कि मुझे और मेरे परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद और भरोसा है कि हमारे केस का फैसला हमारे हक में आएगा और इंसाफ मिलेगा।

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