Lakhimpur Kheri: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का बड़ा मामला मंगलवार को उजागर हुआ। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने खमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया तो पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सीडीओ के पहुंचते ही अस्पताल अंधेरे में डूबा मिला। न बिजली थी, न जनरेटर चल रहा था। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद जब जनरेटर चालू हुआ तो सामने आया कि उसमें ईंधन डाला ही नहीं गया था। इससे स्पष्ट हो गया कि बिजली कटते ही अस्पताल पूरी तरह ठप हो जाता है।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ अधीक्षक के कक्ष में पहुंचे तो वे वहां नहीं मिले। जानकारी मिली कि अधीक्षक आवास पर आराम कर रहे थे। यही नहीं, 09 चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी ड्यूटी से गायब पाए गए। इस पर सीडीओ ने अधीक्षक का स्पष्टीकरण तलब किया और अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
साथ ही सभी को चेतावनी जारी करने को कहा।
गंभीर लापरवाही तब और सामने आई जब सीडीओ ने पाया कि बीते दो दिनों में हुई प्रसव वाली महिलाएं और नवजात वार्ड में मौजूद नहीं थे। जबकि नियम के अनुसार प्रसव के बाद 48 घंटे तक जच्चा-बच्चा को निगरानी में रखना और भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इतना ही नहीं, नवजात शिशुओं को दी जाने वाली जीरो डोज वैक्सीन तक नहीं लगाई गई थी। सीडीओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सख्त नाराजगी जताई।
जांच लैब का हाल भी बदहाल मिला। छत से पानी टपक रहा था और कीमती मशीनें प्लास्टिक से ढककर रखी गई थीं, जिससे जांच सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। सीडीओ ने इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ को चिकित्सालय भवन की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में गंदगी, सीलन और जलभराव ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी। प्रतीक्षालय में मरीजों के बैठने की जगह दवाओं के बक्से रखे मिले। सीडीओ ने दवाओं को स्टोर में रखने और प्रतीक्षालय को मरीजों व परिजनों के उपयोग में लाने के निर्देश दिए। वहीं तीन में से दो शौचालय बंद और एक गंदगी से भरा मिला।
सीडीओ के औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर कर दी है। लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है।