रिपोर्टर: अमित कुमार
कुसौरा (Balia) में पांच पुत्रों ने अपने माता-पिता के स्वर्गवास के बाद समाज के सामने एकता और संस्कार का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। पांचों भाइयों ने अपने पैतृक आवास पर एक साथ मिलकर माता-पिता के स्मृति दिवस पर इस वर्ष भी भव्य भात कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर क्षेत्रीय नागरिकों से लेकर कई वरिष्ठजन तक पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

माता-पिता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की पहल:
पुत्रों ने बताया कि उनके माता-पिता अनुशासनप्रिय और सच्चाई पर आधारित जीवन जीने वाले थे। वे समाज में ईमानदारी, सहयोग और सकारात्मक सोच के लिए जाने जाते थे। हमेशा दूसरों के सुख-दुख में शामिल होना उनका स्वभाव था।
हर वर्ष मनाया जाता है स्मृति दिवस:
पांचों भाई बताते हैं कि वे हर साल निर्धारित तिथि पर अपने पैतृक घर कुसौरा (Kusoura) में एकत्र होते हैं और माता-पिता की स्मृति को भव्य रूप से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से जीवित रखते हैं। यह आयोजन न केवल पारिवारिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी देता है।
पैतृक आवास में हुआ भावनात्मक आयोजन:
पूरे कार्यक्रम में गांव के लोगों और रिश्तेदारों की उपस्थिति रही। श्रद्धांजलि देने आए लोग माता-पिता के कर्मों और सरल स्वभाव को याद कर भावुक नजर आए। भाइयों की यह परंपरा समाज में एक मिसाल बनती जा रही है।
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