लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में हाजी हरमैन शाह मजार के पास बांस-बल्ली लगाकर अवैध कब्जा करने का मामला फिर से सुर्खियों में आया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी और मौके पर मौजूद पुलिस की मदद से अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। बताया जा रहा है कि यह वही जगह है, जहाँ एक साल पहले भी अवैध कब्जा हटाया गया था, लेकिन होली की रात फिर से बांस-बल्ली लगाई गई थी। प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
KGMU प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य:
प्रोफेसर ओपी सिंह (Additional Chief Proctor) ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार मजार के आसपास अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई मरीजों की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जबरदस्ती बांस-बल्ली लगाने से अस्पताल परिसर में आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर मरीजों की गाड़ियों को परेशानी होती थी।
मुत्वल्ली की सफाई:
हाजी हरमैन शाह मजार के मुत्वल्ली ने प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी सफाई दी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने बांस-बल्ली लगाने का मकसद सुरक्षा और मजार की सीमा सुनिश्चित करना था, न कि किसी मरीज या व्यक्ति को असुविधा देना।
पिछली कार्रवाई और चेतावनी:
प्रशासन ने बताया कि कुछ दिन पहले दरगाह कमेटी को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बाद भी जब होली की रात अवैध कब्जा देखा गया, तो प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में तुरंत कार्रवाई की। प्रोफेसर ओपी सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी तरह का गंदगी या अतिक्रमण देखा गया, तो फोटो और वीडियो के माध्यम से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों और कर्मचारियों की सुविधा:
KGMU प्रशासन ने यह भी कहा कि मजार के आसपास अतिक्रमण हटाने का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुविधा सुनिश्चित करना है। किसी भी तरह की बाधा, चाहे वह गाड़ी खड़ी करने में हो या पैदल रास्ते में हो, मरीजों और उनके परिजनों के लिए कठिनाई का कारण बन सकती है।
भविष्य के लिए चेतावनी:
प्रोफेसर ओपी सिंह ने कहा कि प्रशासन लगातार निगरानी रखेगा और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की पुनरावृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मजार कमेटी को भी निर्देशित किया कि अगर कोई अनियमितता या गंदगी देखी जाए तो तुरंत प्रशासन को सूचित किया जाए।
कानूनी पहलू:
KGMU प्रशासन और पुलिस की यह कार्रवाई राज्य के कानून के अनुसार की गई है। किसी भी व्यक्ति को हाई कोर्ट या स्थानीय प्रशासन द्वारा दिए गए आदेशों के खिलाफ कोई कदम उठाने की अनुमति नहीं है। यह सुनिश्चित करता है कि अस्पताल परिसर और मजार के आसपास का क्षेत्र मरीजों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रहे।
#KGMU, #LucknowNews, #MajarEncroachment, #UPNews, #HospitalSafety, #PoliceAction, #OPSingh, #IllegalEncroachment, #BreakingNews, #UPPolitics
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।

