लखनऊ: रेप और धर्मांतरण का आरोपी KGMU डॉक्टर रमीज गिरफ्तार!

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े लव जिहाद और धर्मांतरण के गंभीर आरोपों वाले मामले में फरार चल रहा आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उसे लखनऊ से पकड़ा गया है। गिरफ्तारी के समय वह ठाकुरगंज इलाके में रह रहा था, जबकि पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में कर रही थीं। इस गिरफ्तारी के साथ ही लंबे समय से चल रही पुलिस कार्रवाई को बड़ी सफलता मिली है।

चार राज्यों में चल रही थी तलाश:
पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी में देरी हो रही थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि वह लखनऊ में ही छिपकर रह रहा था। पुलिस ने इनपुट मिलने के बाद ठाकुरगंज इलाके से उसे दबोच लिया। इससे पहले पुलिस टीमें यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में लगातार दबिश दे रही थीं।

कुर्की नोटिस और परिवार पर कार्रवाई:
इस मामले में पुलिस ने 7 जनवरी को लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा स्थित आरोपी के ठिकानों पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए थे। इससे पहले 5 जनवरी को आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि परिवार की भूमिका की भी जांच की जा रही है और सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।

23 दिसंबर 2025 को सामने आया मामला:
यह पूरा मामला 23 दिसंबर 2025 को उस समय उजागर हुआ था, जब KGMU में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि उसके सीनियर डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उसका गर्भपात कराया गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया। शिकायत सामने आते ही मामला गंभीर बन गया और पुलिस जांच में तेजी लाई गई।

विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में दोषी करार:
मामले की आंतरिक जांच के लिए गठित विशाखा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी थी। KGMU की कुलपति सोनिया नित्यानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कमेटी की रिपोर्ट में डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक को दोषी पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी का विश्वविद्यालय में बने रहना किसी भी स्थिति में संभव नहीं है।

निष्कासन की प्रक्रिया शुरू:
कुलपति ने यह भी स्पष्ट किया कि विशाखा कमेटी की संस्तुति के आधार पर महानिदेशालय चिकित्सा शिक्षा (DGME) को पत्र भेजा जा रहा है और जल्द ही आरोपी को KGMU से निष्कासित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को ही आरोपी को निलंबित कर दिया गया था और उसके बाद से कैंपस में उसकी एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी।

तीन ठिकानों पर कुर्की की कार्रवाई:
पुलिस ने बुधवार को ही आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी थी। चौक थाना पुलिस की टीमें लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित फ्लैट, पीलीभीत के न्यूरिया स्थित पैतृक आवास और उत्तराखंड के खटीमा स्थित मकान पर पहुंचीं। तीनों स्थानों पर विधिवत कुर्की के नोटिस लगाए गए। इसके साथ ही पीलीभीत और उत्तराखंड पुलिस से आरोपी की संपत्तियों से जुड़ा पूरा विवरण भी जुटाया गया है।

पुलिस जांच जारी:
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है। मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि कार्रवाई भारतीय कानून के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।

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