रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी
कासगंज (Kasganj) जनपद के सहावर (Sahawar) कोतवाली क्षेत्र में आयोजित हजरत रमजान शाह बाबा (Hazrat Ramzan Shah Baba) के उर्स के दौरान सामने आए एक वीडियो ने इलाके में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कार्यक्रम स्थल पर बार बालाओं के नृत्य और दर्शकों द्वारा नोट उड़ाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप भी सामने आए हैं।
उर्स आयोजन के दौरान वायरल हुआ वीडियो:
उर्स के दौरान कथित तौर पर मंच पर रशियन बार बालाओं द्वारा नृत्य किया गया। वीडियो में कार्यक्रम के आसपास मौजूद लोगों की भीड़ नजर आ रही है, जिनमें कुछ युवक नृत्य के दौरान बार बालाओं पर नोट उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है, जिसके बाद आयोजन की मर्यादा और नियमों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस की मौजूदगी को लेकर उठे सवाल:
वायरल वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर पुलिसकर्मी मौजूद थे। कुछ दृश्य ऐसे बताए जा रहे हैं, जिनमें पुलिसकर्मी नृत्य को देखते हुए नजर आते हैं। इसको लेकर आमजन के बीच चर्चा तेज है कि यदि कार्यक्रम में नियमों का उल्लंघन हुआ, तो समय रहते हस्तक्षेप क्यों नहीं किया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
धार्मिक भावनाओं के आहत होने का आरोप:
स्थानीय लोगों का कहना है कि उर्स जैसे धार्मिक आयोजन में इस प्रकार के नृत्य और व्यवहार से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। उनका आरोप है कि आयोजकों ने परंपरा और धार्मिक मर्यादाओं का ध्यान नहीं रखा। लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में अनुशासन और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
आयोजकों की भूमिका पर सवाल:
पूरे मामले में आयोजन से जुड़े लोगों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि आयोजन के दौरान मंचीय कार्यक्रमों की निगरानी ठीक से नहीं की गई, जिसके चलते स्थिति बिगड़ी। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने में लापरवाही बरती गई।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और बहस:
वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यूजर्स इसे धार्मिक आयोजनों की गरिमा के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रही बहस ने प्रशासन का भी ध्यान खींचा है।
कानूनी पहलुओं पर नजर:
भारतीय कानून के अनुसार किसी भी सार्वजनिक या धार्मिक आयोजन में शांति, मर्यादा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। यदि किसी प्रकार से नियमों का उल्लंघन होता है, तो जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर तथ्यों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करना प्रशासन के स्तर पर आवश्यक माना जा रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद:
स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे आयोजनों में अनुशासन बना रहे। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों और आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
Disclaimer:
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