कासगंज सदर तहसील में कमिश्नर संगीता सिंह के सामने जमकर हुआ हंगामा

रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी

कासगंज में सदर तहसील परिसर उस समय हंगामे का केंद्र बन गया, जब अलीगढ़ मंडल की कमिश्नर (Aligarh Commissioner) संगीता सिंह के सामने जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे एक फरियादी के साथ कथित तौर पर पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। फरियादी ने आरोप लगाया कि उसे कमिश्नर से मिलने से रोका गया और विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कमिश्नर के सामने रोकने का आरोप:
घटना कासगंज (Kasganj) की सदर तहसील (Sadar Tehsil) से जुड़ी है, जहां फरियादी संतोष गौड़ अपनी जमीन से संबंधित विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे थे। फरियादी का कहना है कि वह लंबे समय से गुरुकुल की जमीन पर कब्जे के मामले में अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। इसी सिलसिले में वह कमिश्नर (Commissioner) से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोप:
फरियादी संतोष गौड़ ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने न केवल उन्हें कमिश्नर से मिलने से रोका, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। फरियादी के मुताबिक, जब उन्होंने विरोध जताया तो पुलिस ने जबरन पकड़कर उन्हें तहसील परिसर से बाहर निकाला और घसीटते हुए थाने ले जाया गया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।

वायरल वीडियो में दिखी धक्का-मुक्की:
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी फरियादी को धक्का-मुक्की करते हुए तहसील परिसर से बाहर ले जा रहे हैं। वीडियो में फरियादी लगातार विरोध करते नजर आ रहे हैं, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें जबरन ले जाते दिख रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर कई सवाल उठने लगे हैं और आम लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

थाने में बैठाने और हवालात में बंद करने का आरोप:
फरियादी का कहना है कि उन्हें जबरन सदर कोतवाली (Sadar Kotwali) ले जाया गया, जहां उन्हें कई घंटों तक बैठाए रखा गया। आरोप है कि इस दौरान न तो उन्हें खाना दिया गया और न ही घर जाने दिया गया। फरियादी ने यह भी दावा किया कि उन्हें हवालात में बंद किया गया और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जबकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।

जमीन विवाद बना विवाद की जड़:
संतोष गौड़ के अनुसार, वह काफी समय से गुरुकुल की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत कर रहे हैं। उनका कहना है कि संबंधित मामले में प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी, इसी वजह से वह कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे। फरियादी का दावा है कि यदि उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल:
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस के कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि कोई फरियादी अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने आता है, तो उसके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

तहसील परिसर की घटना:
पूरा मामला कासगंज सदर कोतवाली क्षेत्र (Kasganj Sadar Kotwali Area) के तहसील सदर परिसर से जुड़ा हुआ है। कमिश्नर की मौजूदगी में इस तरह का विवाद और उसके बाद वायरल वीडियो प्रशासन के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर रहे हैं। अब देखना होगा कि मामले को लेकर उच्च स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और फरियादी के आरोपों की जांच किस तरह की जाती है।


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