रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी
कासगंज जनपद के गंजडुंडवारा नगर में थाना रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड केंद्र का जायजा लेने पहुंचीं, जहां अस्पताल परिसर और वार्डों में गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। मौके पर ही स्वास्थ्य कर्मियों को साफ-सफाई व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण में स्वच्छता पर सख्त रुख:
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग (Uttar Pradesh State Women Commission) की सदस्य रेनू गौड ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गंजडुंडवारा (Ganjdundwara) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center-CHC) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वार्डों, गलियारों और परिसर का अवलोकन किया। गंदगी मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
ओपीडी और विभिन्न कक्षों का अवलोकन:
निरीक्षण के क्रम में रेनू गौड ने ओपीडी, पंजीकरण कक्ष और औषधि वितरण केंद्र समेत विभिन्न विभागों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कर्मचारियों से कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से भी संवाद किया और उपचार, दवाओं की उपलब्धता तथा भोजन व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।
भर्ती मरीजों की सुविधाओं पर जोर:
निरीक्षण के दौरान यह निर्देश दिए गए कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाए। चिकित्सकों और स्टाफ को मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने तथा समय पर समुचित इलाज सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दोनों आवश्यक हैं।
महिला एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा:
प्रसूता वार्ड का निरीक्षण करते हुए रेनू गौड ने कहा कि महिला और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। नवजात शिशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला वार्ड के बाहर चप्पल रखने की अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि बाहरी जूते-चप्पल वार्ड के भीतर न ले जाए जा सकें।
चिकित्सकों की कमी पर पहल का आश्वासन:
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों की कमी का विषय भी सामने आया। इस पर रेनू गौड ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer-CMO) से वार्ता कर जिला अस्पताल से एक चिकित्सक और एक महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए पत्राचार किया जाएगा। उनका उद्देश्य क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
रेनू गौड ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को सम्मानजनक व्यवहार, समुचित उपचार और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख्त रुख अपनाने की बात कही और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए।
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