उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 76 वर्षीय सुभाष चंद्र गुप्ता (Subhash Chandra Gupta) ने प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग की है। उनका कहना है कि यह कदम उन्होंने अपनी बीमारी से अधिक पारिवारिक प्रताड़ना से परेशान होकर उठाया है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और पारिवारिक विवादों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की पीड़ा:
सुभाष चंद्र गुप्ता (Subhash Chandra Gupta) कैंसर से जूझ रहे हैं और उन्होंने अपने छोटे बेटे आशीष गुप्ता (Ashish Gupta) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा करना चाहता है और इसी उद्देश्य से लगातार दबाव बना रहा है। आरोप है कि बेटा बाहरी लोगों को घर लाकर उन्हें डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास करता है।
संपत्ति और कंपनी पर कब्जे का आरोप:
बुजुर्ग ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने उनकी एक कंपनी पर भी गलत तरीके से कब्जा कर लिया है। इस पूरे मामले को लेकर परिवार के भीतर तनाव बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से वह बेहद परेशान और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप:
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।
परिवारिक विवाद ने बढ़ाई परेशानी:
मामले में विवाद और गहराता नजर आ रहा है। सुभाष चंद्र गुप्ता (Subhash Chandra Gupta) के भाई राजकुमार गुप्ता (Rajkumar Gupta) की पत्नी संध्या गुप्ता (Sandhya Gupta) पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि उन्होंने घर के सदस्यों और कर्मचारियों पर चोरी के आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही बुजुर्ग पर अपनी बहू के साथ अनुचित संबंधों जैसे आरोप लगाए गए, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हैं।
बहू ने भी लगाए आरोप:
दूसरी ओर, बुजुर्ग की बहू का कहना है कि वह दिल्ली (Delhi) से अपने ससुर की देखभाल के लिए कानपुर (Kanpur) आई हैं, लेकिन उन्हें भी झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, परिवार के भीतर चल रहे विवाद का असर सभी पर पड़ रहा है।
इच्छा मृत्यु की मांग का कारण:
लगातार हो रही प्रताड़ना, बीमारी और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने से निराश होकर सुभाष चंद्र गुप्ता (Subhash Chandra Gupta) ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह अपनी इस मांग पर कायम रहेंगे।
निष्कर्ष:
कानपुर (Kanpur) का यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय पर कार्रवाई न होने से पीड़ित व्यक्ति कितनी बड़ी मांग करने को मजबूर हो सकता है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई है।
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रिपोर्टर: शरफुद्दीन खान

