संवाददाता: विकास पाठक
जौनपुर। जनपद में,विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस। मालूम हो कि
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में, स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह मनाया गया। वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। प्रबंध अध्ययन संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति से पूरे विश्व को परिचित कराया था। सामाजिक समरसता का पाठ पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने समाज में एक नई चेतना का प्रसार किया था। अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने वेदांत के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाया था। उन्होंने भारत के मूल चिंतन वसुधैव कुटुंबकम की भावना से सबको जोड़ा था।राजेंद्र सिंह रज्जू भैया भौतिकीय अध्ययन एवं शोध संस्थान के निदेशक प्रोफेसर देवराज सिंह ने कहा कि स्वामी जी की बातें अगर हम आत्मसात करें तो निश्चित तौर पर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उचित मार्गदर्शन एवं ज्ञानी व्यक्ति का संपर्क अत्यंत आवश्यक है।
अध्यक्षीय संबोधन में विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के मानद पुस्तकालय अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मानस पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का नाम स्वामी जी ने नाम पर रखा गया है यह निरंतर युवाओं को ऊर्जा प्रदान करता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विद्युत मल ने किया। विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में स्थापित स्वामी जी की प्रतिमा पर शिक्षकों विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर नमन किया।इस अवसर पर प्रोफेसर एके श्रीवास्तव, प्रोफेसर बीडी शर्मा, प्रोफेसर राम नारायण, डॉ. रसिकेश, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमित वत्स, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. मनोज पांडे, डॉ. आलोक दास, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. दूजेन्दु उपाध्याय, डॉ. इंद्रेश गंगवार समेत शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

