Shrinagar: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में 22 अगस्त 2025 को प्रशासन ने दो सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि इन कर्मचारियों के संबंध आतंकवादी संगठनों और अलगाववादी नेटवर्क से पाए गए।
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन को खुफिया एजेंसियों से यह जानकारी मिली थी कि ये कर्मचारी न केवल आतंकी गतिविधियों का समर्थन करते थे, बल्कि कुछ मामलों में आतंकियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष मदद भी उपलब्ध कराते थे। जांच में प्रमाण मिलने के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया।
सरकारी आदेश के मुताबिक, इन कर्मचारियों की गतिविधियां जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विसेज नियमों का उल्लंघन करने वाली और राष्ट्र-विरोधी पाई गईं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंक और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। “हमारा लक्ष्य है कि युवा पीढ़ी को आतंक के रास्ते से दूर रखा जाए और राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाया जाए। सरकारी कर्मचारी अगर इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों या अलगाववादियों से संबंध रखने के आरोप में कई शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को सेवा से बाहर किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि ऐसे कदम उठाकर प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह राष्ट्रहित में काम करने योग्य बनाया जा सकता है।
आतंकियों से संबंध रखने वाले 2 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का सख्त एक्शन