विजय रथ पर सवार टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर 12 साल बाद फिर चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली। भारतीय टीम ने न सिर्फ तीसरी बार यह टूर्नामेंट जीता, बल्कि 25 वर्ष पूर्व साल 2000 में इसी टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के हाथों फाइनल में मिली हार का बदला भी ले लिया। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही टीम इंडिया की जीत में रोहित शर्मा (76 रन), श्रेयस अय्यर (48 रन), कुलदीप यादव व वरुण चक्रवर्ती (दो-दो विकेट) का अहम योगदान रहा। न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 251 रन बनाए। जवाब में टीम इंडिया ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके साथ ही, तीसरी बार खिताब जीतकर टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की सबसे सफल टीम भी बन गई।
न्यूजीलैंड को रचिन रविंद्र व विल यंग ने जिस तरह की तूफानी शुरुआत दी, ऐसा लगा कि कीवी रनों का पहाड़ खड़ा कर देंगे। मगर, वरुण चक्रवर्ती ने गेंद थामते ही यंग (15) को अपना शिकार बना लिया। कुलदीप ने अपनी पहली ही गेंद पर रविंद्र (37) को बोल्ड कर कीवियों को बैकफुट पर ला दिया। रविंद्र जडेजा व अक्षर पटेल ने भी कमाल की गेंदबाजी की। स्पिन का ऐसा जादू चला कि न्यूजीलैंड की टीम बमुश्किल 250 के पार जा सकी।

बल्लेबाजी में रोहित शर्मा ने टीम इंडिया को हमेशा की तरह तेज शुरुआत दी। उन्होंने गिल के साथ 105 रन की ओपनिंग साझेदारी निभाई। हालांकि गिल व कोहली के जल्द आउट होने से झटका लगा, लेकिन श्रेयस, अक्षर और राहुल के महत्वपूर्ण योगदान से टीम इंडिया चैंपियन बन गई।
असाधारण खेल, असाधारण परिणाम। चैंपियंस ट्रॉफी घर लाने के लिए हमारी टीम पर गर्व है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पूरी टीम को बधाई। – नरेंद्र मोदी, पीएम