कैसे हुई थी मुख्तार की मौत? सामने आई रिपोर्ट …

लखनऊ | मऊ निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा के सदस्य के रूप में रिकॉर्ड पाँच बार विधायक रहे मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर अंसारी परिवार की तरफ से बड़े सवाल खड़े किए गए थे. आपको बता दें कि बांदा के मंडल कारागार में मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 की देर शाम तबियत बिगड़ी थी. इसके बाद बांदा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. वहां डॉक्टरों की 9 टीम मुख्तार अंसारी का इलाज कर रही थी. मगर इलाज के दौरान ही मुख्तार अंसारी की मौत हो गई थी. इसको लेकर शासन ने मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए थे. बता दें कि इस पूरे मामले की जांच एडीएम राजेश वर्मा कर रहे थे और इसकी न्यायिक जांच गरिमा सिंह कर रही थीं. अब इसकी जांच रिपोर्ट सामने आ गई है.

पुलिस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना परिजनों को दी थी. देर रात परिजन बांदा पहुंचे थे. उस दौरान अंसारी परिवार की तरफ से साफ कहा गया था कि मुख्तार अंसारी को जहर देकर मारा गया है. परिवार की तरफ से प्रशासन पर जहर देने का आरोप लगाया गया था. परिवार के आरोपों के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे.

बता दें कि मजिस्ट्रियल जांच के दौरान जांच टीम ने जेल पहुंचकर मुख्तार की बैरक से खाना पीने के रखे समान के सेंपल लिए और उन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा. उस समय ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों, जेलर, जेल अधीक्षक के बयान लिए गए. इसी के साथ इलाज करने वाले डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस चालक से भी बात की गई. मुख्तार का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरो के बयान लिए गए. ये भी कहा जा रहा है कि जांच टीम ने बार-बार मुख्तार अंसारी के परिजनों को बयान देने के लिए बुलाया. मगर मुख्तार के परिजन बयान देने के लिए नहीं आए. ऐसे में अब डीएम नगेंद्र प्रताप ने मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है. इस रिपोर्ट की मानें तो मुख्तार अंसारी की मौत हार्ट अटैक से ही हुई थी. जहर नहीं दिया गया था.

अब मुख़्तार अंसारी के परिजन बयां देने क्यों नहीं आये? ये भी बड़ा सवाल है. फिलहाल इसपर मुख़्तार अंसारी के परिजनों का बयान ख़बर लिखे जाने तक नहीं आया है. ख़बरों के अनुसार इस पूरे मामले पर मजिस्ट्रियल जांच कर रहे ADM राजेश कुमार वर्मा ने बताया,

मुख्तार अंसारी की मौत मामले की जांच रिपोर्ट डीएम ने शासन को भेज दी है. पोस्टमॉर्टम में मौत की पुष्टि हार्ट अटैक से हुई थी. वैज्ञानिक और तमाम साक्ष्यों से सामने आया कि परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद थे. शासन को अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है.

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