इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ खंडपीठ ने चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक न लग पाने को लेकर राज्य सरकार पर नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने प्रतिबंधित लेड-कोटेड और नायलॉन मांझे के इस्तेमाल को रोकने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। न्यायालय ने कहा कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
राज्य सरकार से मांगा विस्तृत जवाब:
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस विषय पर कानून बनाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो आवश्यक सुझाव तैयार कर रही है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग और पर्यावरण विभाग के सचिव स्तर के अधिकारियों को अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
13 जुलाई को होगी अगली सुनवाई:
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय (Rajan Roy) और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला (Manjeev Shukla) की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। यह याचिका मोती लाल यादव (Moti Lal Yadav) की ओर से दाखिल की गई थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की है।
एनजीटी के प्रतिबंध का भी उल्लेख:
केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता राजकुमार सिंह (Rajkumar Singh) ने अदालत को बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पहले ही लेड-कोटेड और नायलॉन मांझे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा चुका है। इस पर अदालत ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि बाजार में ऐसे मांझे की बिक्री हो रही है, तो यह प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
निर्दोष लोगों को परेशान न करने की हिदायत:
सुनवाई के दौरान काइट एसोसिएशन (Kite Association) की ओर से भी हस्तक्षेप आवेदन दाखिल किया गया। एसोसिएशन ने अदालत को बताया कि चाइनीज मांझे के नाम पर कई बार उनके सदस्यों को भी परेशान किया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
जमीन पर पालन सुनिश्चित करने पर जोर:
अदालत ने कहा कि प्रतिबंधित मांझे का निर्माण, बिक्री और उपयोग रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उसका पालन जमीन पर प्रभावी ढंग से कराया जाए। अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
#tag: #AllahabadHighCourt, #ChineseManjha, #NGT, #LucknowBench, #KiteAssociation
Disclaimer:
“यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।”