बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छात्र नेता उस्मान हादी के नमाज ए जनाजा के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। माणिक मियां एवेन्यू (Manik Mia Avenue) पर आयोजित जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए, जिससे पूरा इलाका शोक और भावुक माहौल में डूबा नजर आया। जनाजे में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
नमाज ए जनाजा में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी:
छात्र नेता उस्मान हादी के नमाज ए जनाजा में मोहम्मद यूनुस के अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक और धार्मिक हस्तियां शामिल हुईं। नमाज ए जनाजा का नेतृत्व हादी के बड़े भाई मौलाना डॉ. अबु बकर सिद्दीकी (Maulana Dr. Abu Bakar Siddiqui) ने किया। नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील की गई। जनाजे में उमड़ी भीड़ यह दर्शा रही थी कि हादी का समाज में गहरा प्रभाव था और लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे।
माणिक मियां एवेन्यू पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
हजारों की भीड़ को देखते हुए माणिक मियां एवेन्यू में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पूरे इलाके में पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन बटालियन (Rapid Action Battalion) के जवानों की तैनाती की गई। सेना की गाड़ियां लगातार पेट्रोलिंग करती रहीं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हालात पर कड़ी निगरानी रखी।
ढाका में बढ़ी सतर्कता, हिंसा की आशंका:
उस्मान हादी के जनाजे के मद्देनजर राजधानी ढाका (Dhaka) में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और आम आवाजाही पर नजर रखी गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी भीड़ के बीच किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना प्राथमिकता थी। हालात को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं और शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करती रहीं।
मेमनसिंह हत्या मामले में कार्रवाई:
इसी बीच बांग्लादेश के मेमनसिंह (Mymensingh) जिले से जुड़ा एक अन्य मामला भी चर्चा में रहा। मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में बताया कि वालुका तहसील (Valuka) में सनातन धर्म को मानने वाले दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद लिमन सरकार (Mohammad Liman Sarkar), मोहम्मद तारेक हुसैन (Mohammad Tarek Hossain), मोहम्मद माणिक मिया (Mohammad Manik Mia), इरशाद अली (Irshad Ali), निजुमुद्दीन (Nijumuddin), आलमगीर हुसैन (Alamgir Hossain) और मोहम्मद मिराज हुसैन (Mohammad Miraj Hossain) शामिल हैं। इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बांग्लादेश के हालात पर अंतरराष्ट्रीय चिंता:
भारत के तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) से सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने भी बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि डेली स्टार (The Daily Star) न्यूज और प्रोथोम आलो (Prothom Alo) अखबार पर भीड़ द्वारा किया गया हमला केवल एक संस्थान पर हमला नहीं, बल्कि प्रेस की आजादी और विविधता वाले समाज की नींव पर सीधा प्रहार है। उन्होंने खुलना (Khulna) और राजशाही (Rajshahi) में वीजा सेवाओं की जबरन बर्खास्तगी को भी गंभीर मुद्दा बताया।
हिंसा का आम लोगों पर प्रभाव:
शशि थरूर के अनुसार, मौजूदा हिंसा का सीधा असर छात्रों, मरीजों और आम परिवारों पर पड़ा है। जिन लोगों को इलाज, शिक्षा या जरूरी सेवाओं की आवश्यकता थी, वे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए शांति और संवाद के जरिए समाधान की जरूरत पर जोर दिया।
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