गोरखपुर में NEET छात्र की हत्या: पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत से मचा हड़कंप

Gorakhpur: गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक वारदात सामने आई। पशु तस्करों और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प में NEET की तैयारी कर रहे छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। तस्करों ने छात्र को पकड़कर पीटा और उसका शव घर से करीब 4 किलोमीटर दूर फेंक दिया। सुबह साढ़े चार घंटे बाद परिजनों को उसकी खून से लथपथ लाश मिली।

वारदात की शुरुआत कैसे हुई

सोमवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे 10-12 पशु तस्कर दो गाड़ियों से मऊआचापी गांव पहुंचे। गांव के प्रवेश द्वार पर दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान थी। तस्करों ने मौके का फायदा उठाकर दुकान का ताला तोड़ने की कोशिश की। उसी दुकान के ऊपर ट्रैवल का ऑफिस था, जहां दुर्गेश की बहन का बेटा सो रहा था। शटर खड़कने की आवाज सुनकर उसने तुरंत दीपक (दुर्गेश का बेटा और NEET अभ्यर्थी) को सूचना दी।

ग्रामीणों और तस्करों की भिड़ंत

दीपक ने शोर मचाया और स्कूटी से मौके पर दौड़ा। उसके पीछे 10-15 ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। अचानक तस्करों का सामना ग्रामीणों से हो गया। बचने के लिए तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस बीच, दीपक सबसे आगे था, जिसे तस्करों ने पकड़ लिया और अपनी गाड़ी में डालकर ले गए। वहीं, ग्रामीणों ने भी एक तस्कर को पकड़ लिया, उसकी गाड़ी फूंक दी और उसे पीटकर अधमरा कर दिया।


पुलिस पहुंची तो और बढ़ा तनाव

इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और घायल तस्कर को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल भेजा। लेकिन पुलिस और ग्रामीणों के बीच भी झड़प हो गई। इसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हुए। दूसरी ओर, पुलिस ने तस्करों की दिशा में तलाश शुरू की। कुछ घंटों बाद करीब 4 किमी दूर दीपक का सिर कुचला शव बरामद हुआ।

सड़क जाम और पथराव

मंगलवार सुबह जब दीपक की हत्या की खबर फैली तो गुस्साए ग्रामीणों ने गोरखपुर–पिपराइच रोड जाम कर दिया। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ गए और पुलिस पर पथराव हुआ। इसके चलते मौके पर भगदड़ मच गई और तनाव और बढ़ गया।


सीएम के निर्देश और अफसरों की मौजूदगी

घटना की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची। उन्होंने तत्काल अफसरों को मौके पर भेजने का आदेश दिया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नैय्यर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात की और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब पांच घंटे बाद रोड खुला।


परिजनों का दर्द

छात्र की हत्या से परिवार टूट चुका है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। मां ने साफ कहा कि जब तक बेटे के हत्यारों को जान से नहीं मारा जाएगा, उन्हें शांति नहीं मिलेगी।



SSP का बयान

SSP गोरखपुर राजकरण नैय्यर ने बताया कि तस्करों की गाड़ी गांव में फंस गई थी, जिससे वे भाग निकले। दीपक ने उनका पीछा किया तो उसके सिर पर चोट आई और उसकी मौत हो गई। प्रथम दृष्टया गोली मारने की बात सामने नहीं आई है। मामले में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया

घटना पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में इस तरह की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है और सरकार को आम जनता को न्याय दिलाना चाहिए।
वहीं, यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अपराधियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाएगी और इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है।

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