रिपोर्ट: रविन्द्र चौधरी
Gorakhpur: गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ जी का विशिष्ट पूजन-अनुष्ठान संपन्न किया। गोरक्षपीठाधीश्वर के विशेष परिधान में उन्होंने परंपरा का अनुसरण करते हुए प्रातःकाल श्रीनाथ जी की पूजा-आराधना की और लोकमंगल की प्रार्थना की।
शक्तिपीठ से हुई शुरुआत:
विजयदशमी के विशिष्ट पूजन की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ से की गई। यहां शारदीय नवरात्र प्रतिपदा से जगतजननी आदिशक्ति की आराधना का अनुष्ठान चल रहा था। शक्तिपीठ में वेदी पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने लोक कल्याण की प्रार्थना की और फिर साधु-संतों तथा संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यगण और वेदपाठी छात्रों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य मंदिर की ओर प्रस्थान किया।
महायोगी गोरखनाथ की पूजा:
मुख्य मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। विधि-विधानपूर्वक संपन्न इस पूजन के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिकता और भक्ति से परिपूर्ण हो गया।
देव विग्रहों का विशिष्ट पूजन:
मुख्य अनुष्ठान के बाद मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित सभी देव विग्रहों का भी विशेष पूजन किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने करबद्ध होकर श्रीनाथ जी और अन्य देव विग्रहों की परिक्रमा की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
समाधि स्थल पर नमन:
गोरक्षपीठाधीश्वर ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ सहित अन्य संतों की समाधि स्थल पर भी शीश नवाया। उन्होंने वहां विधि-विधान से पूजन कर संतों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में नागफनी, शंख, ढोल, घंट और डमरू जैसे नाथपंथ के परंपरागत वाद्य यंत्रों की गूंज से भक्ति का अद्भुत वातावरण बन गया।
प्रदेशवासियों के लिए मंगलकामना:
पूजन-अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। विजयदशमी पर किया गया यह विशेष पूजन भक्तों के लिए गहरी आस्था और परंपरा का संदेश लेकर आया।