लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ा, चंद्रिका देवी मंदिर मार्ग बंद, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लखनऊ के बीकेटी (BKT) क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से मां चंद्रिका देवी मंदिर जाने वाला मार्ग जलमग्न हो गया है। जलभराव के कारण मंदिर तक श्रद्धालुओं का आवागमन बाधित हो गया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए मां चंद्रिका देवी मंदिर में दर्शन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर मार्ग पर बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
पवन सिंह चौहान ने की अहम बैठक:
भाजपा विधान परिषद सदस्य और मंदिर संरक्षक पवन सिंह चौहान ने मंदिर कमेटी तथा पुलिस-प्रशासन के साथ अहम बैठक की। बैठक में गोमती के बढ़े जलस्तर के कारण उत्पन्न स्थिति, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर व्यवस्थाओं पर मंथन किया गया।
बैठक में 10 अक्टूबर को पड़ने वाली अमावस्या और 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली नवरात्रि के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। जलभराव की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन और मंदिर कमेटी की ओर से सतर्कता बरती जा रही है।
खतरनाक रास्तों पर बैरिकेडिंग:
जलमग्न मार्गों पर किसी तरह की अप्रिय घटना रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मंदिर मार्ग पर बैरियर और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु पानी से भरे और जोखिम वाले रास्तों की ओर न जाएं। खतरनाक स्थानों पर रस्सी और बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है।
मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए फिलहाल श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोका जा रहा है। पानी कम होने के बाद ही अमावस्या और नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन की स्थिति को लेकर फैसला किया जाएगा।
पुजारियों और दर्शनार्थियों के लिए पास की व्यवस्था:
बैठक में मंदिर के पुजारी, हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी और सीताराम दर्शनार्थियों के लिए पास की व्यवस्था किए जाने पर भी ध्यान दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के बीच आवश्यक लोगों के आवागमन को व्यवस्थित रखने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।
आगामी अमावस्या और नवरात्रि को देखते हुए मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर और रास्तों की स्थिति में सुधार होने के बाद ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
पानी के बीच स्टंट और रील पर नजर:
जलभराव के बीच कुछ लोगों द्वारा स्टंट करने या रील बनाने की आशंका को देखते हुए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पानी के बीच जोखिम उठाकर वीडियो बनाने या स्टंट करने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
ऐसे लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलभराव वाले क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना की स्थिति पैदा न हो। श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर मार्ग पर आवाजाही को लेकर सावधानी बरती जा रही है।
दर्शन को लेकर पानी कम होने का इंतजार:
गोमती का जलस्तर कम होने और मंदिर मार्ग से जलभराव हटने के बाद ही अमावस्या तथा नवरात्रि के दौरान मां चंद्रिका देवी मंदिर में दर्शन की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल जलमग्न रास्तों को देखते हुए श्रद्धालुओं के आवागमन पर रोक है और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग तथा चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
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