गाजीपुर (Ghazipur) में राज्य में बढ़ते स्वाइन फ्लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार जनपद में इससे निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट करते हुए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से गंभीर सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों का त्वरित उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य केंद्रों को किया गया अलर्ट:
सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि गंभीर सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान होने पर उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता के अनुसार ऐसे मरीजों को जांच और उपचार के लिए महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज (Maharshi Vishwamitra Medical College) स्थित चिकित्सालय भेजने को कहा गया है। यहां स्वाइन फ्लू से संबंधित जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड:
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज स्थित चिकित्सालय में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर लिया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
सभी क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण वाले लोगों के साथ-साथ गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान करें। ऐसे व्यक्तियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए संदर्भित करने को कहा गया है।
खांसी और छींक से फैल सकता है संक्रमण:
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार स्वाइन फ्लू का संक्रमण मनुष्य से मनुष्य में सीधे तौर पर खांसी और छींक आदि के माध्यम से हवा के जरिए श्वसन तंत्र में पहुंच सकता है। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
बुखार और खांसी समेत ये हैं प्रमुख लक्षण:
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं। इन लक्षणों वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए संदर्भित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाथों की स्वच्छता पर दिया जा रहा जोर:
संक्रमण से बचाव के लिए संक्रमित पदार्थों और वस्तुओं को नहीं छूने तथा हाथ मिलाने से बचने की सलाह दी गई है। आम लोगों से कहा गया है कि वे अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह और बार-बार धोते रहें।
इसके अलावा किसी वस्तु को छूने के बाद हाथों से मुंह और आंखों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण से बचाव के लिए इन सावधानियों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।
पांच मरीजों के संपर्क में आए लोगों की हुई जांच:
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक सूचित पांच मरीजों के संपर्क में आए व्यक्तियों की संपर्क जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण नहीं पाए गए हैं। विभाग की ओर से सभी मरीजों का नियमित रूप से अनुवर्ती निरीक्षण किया जा रहा है।
मरीजों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के तहत मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के साथ संपर्क में आए लोगों की भी निगरानी की जा रही है।
जनपद में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी:
बढ़ते स्वाइन फ्लू को देखते हुए गाजीपुर स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय तक तैयारियां सुनिश्चित की हैं। गंभीर सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के त्वरित उपचार, जरूरत के अनुसार जांच और उपचार के लिए संदर्भित करने तथा लक्षण वाले लोगों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की ओर से मरीजों के नियमित अनुवर्ती निरीक्षण और उनके स्वास्थ्य की निगरानी का सिलसिला जारी है।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी
