रिपोर्टर: हसीन अंसारी
गाजीपुर (Ghazipur) में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने निरीक्षण भवन पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, निर्वाचन प्रक्रिया, हालिया बयानों और विभिन्न विवादों पर खुलकर अपनी बात रखी। उनके बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
एसआईआर और फॉर्म-7 पर सवाल:
मीडिया से बातचीत में श्यामलाल पाल ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई। उनका आरोप था कि बड़े पैमाने पर सपा समर्थक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एसआईआर के माध्यम से गलत नाम हटाए जा चुके हैं तो फॉर्म-7 के जरिए दोबारा नाम कटवाने का क्या औचित्य है।
उन्होंने लोगों से फॉर्म-6 और फॉर्म-8 का उपयोग करने की अपील की। उनका दावा था कि पहले से प्रिंटेड फॉर्म-7 पर केवल एपिक नंबर लिखकर शिकायतें दर्ज कराई गईं। उन्होंने इसे भाजपा और निर्वाचन आयोग की सुनियोजित रणनीति बताया।
निर्वाचन आयोग और भाजपा पर आरोप:
श्यामलाल पाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह कार्य कर रहे हैं। उनका आरोप था कि यह पूरी प्रक्रिया विशेष वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित करने की मंशा से की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया।
मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया:
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाल ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान थे। उन्होंने तर्क दिया कि यदि वे 14वीं संतान न होते तो देश को संविधान कौन देता।
पाल ने आरोप लगाया कि यह बयान संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश के रूप में देखा जाना चाहिए।
फिल्मों पर दी प्रतिक्रिया:
हाल में चर्चा में आई फिल्मों ‘घूसखोर ब्राह्मण’ और ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उनका कहना था कि इन फिल्मों को कौन चला रहा है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन पीडीए वर्ग के लोगों ने इन्हें आगे नहीं बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जालसाज और साम्प्रदायिक तत्व समाज में नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण पर सवाल:
अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण से जुड़े सवाल पर श्यामलाल पाल ने कहा कि मां गंगा ने कभी किसी को स्नान से नहीं रोका। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या सरकार यह तय करेगी कि गंगा में कौन स्नान करेगा और कौन नहीं, या कौन शंकराचार्य है और कौन नहीं।
महाकुंभ और अन्य मुद्दों पर टिप्पणी:
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ब्राह्मणों पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाल ने कहा कि भाजपा सरकार अभी तक महाकुंभ में मरने वालों की संख्या स्पष्ट नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में ऐसे लोग भी हैं जो स्वयं पार्टी के हितैषी नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जो संविधान का नहीं हो सकता, वह किसी का नहीं हो सकता।
गाजीपुर में दिए गए इन बयानों के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। हालांकि इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।
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