गाजीपुर: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
गाजीपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के वर्ष 2018 के मामले में पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर कुल 1 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला भांवरकोल थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत में दोषसिद्धि हुई।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी:
गाजीपुर में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लंबित मामलों की पैरवी में अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल की भूमिका रही। इसी क्रम में पॉक्सो से जुड़े इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में हुई।
अदालत के समक्ष मामले से जुड़े तथ्यों और अभियोजन की ओर से की गई पैरवी के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया। इसके बाद अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा और अर्थदंड निर्धारित किया।
वर्ष 2018 में दर्ज हुआ था मुकदमा:
मामला भांवरकोल थाना क्षेत्र का है और वर्ष 2018 का बताया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में गाली-गलौज समेत अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की गई थी।
इस प्रकरण में अभियुक्त की पहचान मो. शमशाद, निवासी पटना, बिहार के रूप में हुई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में हुई, जहां अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की गई।
पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास:
अदालत ने धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही इस धारा में 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
नाबालिग से जुड़े मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत सुनाई गई इस सजा के साथ अदालत ने अन्य धाराओं में भी अलग-अलग दंड निर्धारित किया है। अदालत के फैसले में कारावास के साथ अर्थदंड का भी प्रावधान किया गया है।
धारा 363 और 366 में भी सजा:
धारा 363 के तहत अदालत ने अभियुक्त को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं धारा 366 के तहत सात वर्ष के कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया गया।
इस तरह अदालत ने मामले में लागू अलग-अलग धाराओं के तहत कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी दंड अदालत के फैसले के अनुसार निर्धारित किए गए हैं।
कुल 1.50 लाख रुपये का अर्थदंड:
पॉक्सो एक्ट के तहत 1 लाख रुपये, धारा 363 के तहत 20 हजार रुपये और धारा 366 के तहत 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इस तरह अदालत ने अभियुक्त पर कुल 1 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
गाजीपुर में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद पॉक्सो अदालत का यह फैसला सामने आया है। मामले में आरोपी को दोषसिद्ध किए जाने के बाद अदालत ने अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाई।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Tags: #Ghazipur #Bhawarkol #POCSOCourt #POCSOAct #OperationConviction #CrimeNews #UttarPradesh
गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी