Lucknow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के धार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ और आठवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि राष्ट्रीय पोषण माह 16 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस अवसर को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य अभियानों में से एक बताया जा रहा है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, केजीएमयू में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की।
महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों का स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य शिविरों में अवश्य जाएं, जहां सभी जांच और सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने देश के विकास के लिए नारी शक्ति को मुख्य आधार बताया और इसे ‘विकसित भारत’ के विजन से जोड़ा।
सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया तोहफा
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को अन्नप्राशन कराया, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और पोषाहार वितरित किया। उन्होंने घोषणा की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे और उनके मानदेय में वृद्धि की जाएगी। योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों की सेवाओं को सम्मान देने के लिए यह कदम जरूरी है। इसके साथ ही उनकी ट्रेनिंग और समय पर भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
75 जिलों में 20,324 स्वास्थ्य शिविर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में 20,324 स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया। इन शिविरों में ब्लड, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया और टीबी की जांच निशुल्क होगी। इसके अलावा 507 रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रसवपूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देगा।
नारी सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी योजनाओं से नारी सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। यूपी सरकार ने भी बेटियों की निशुल्क शिक्षा, कन्या सुमंगला योजना में 25 हजार रुपये का पैकेज और सामूहिक विवाह योजना में 1 लाख रुपये की सहायता देकर महिलाओं को मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र और 10 लाख महिला स्वयं सहायता समूह मिलकर 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुके हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव
सीएम ने कहा कि बीते आठ वर्षों में यूपी में 41 नए मेडिकल कॉलेज बने हैं और मातृ-शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। एनीमिया, स्टंटिंग और अल्पवजन जैसे मामलों में भी सुधार दर्ज किया गया है। इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह खत्म करने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब मलेरिया, डेंगू, कालाजार और टीबी उन्मूलन की दिशा में काम हो रहा है।
सामुदायिक भागीदारी को मिली बढ़त
योगी ने 224 बार रक्तदान करने वाले स्वयंसेवकों और निःक्षय मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका की सराहना की और कहा कि THR प्लांट्स से जुड़ी 60 हजार महिलाएं हर महीने 8 हजार रुपये कमा रही हैं। नेफेड के सहयोग से उनकी आय और बढ़ेगी। यह पहल आत्मनिर्भर यूपी के लक्ष्य को मजबूत करेगी।
यूपी बनेगा अग्रणी राज्य
सीएम ने कहा कि यह 15 दिवसीय महाअभियान विजयादशमी तक चलेगा। इसमें यूपी अग्रणी राज्य बनेगा और स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। योगी ने दोहराया कि जब नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो तो परिणाम आने में देर नहीं लगती। यह अभियान नारी शक्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
स्वस्थ नारी अभियान से सशक्त होगा परिवार, यूपी में 20 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविर शुरू