Video: गाजीपुर में ग्रामीणों ने सिस्टम को दिखाया आईना, सरकार ने मुंह मोड़ा तो चंदा जमा कर खुद ही खड़ा कर दिया पुल

गाजीपुर (Ghazipur) जनपद में मंगई नदी (Mangai River) पर बने नवनिर्मित पुल का लोकार्पण एक खास पहल का उदाहरण बनकर सामने आया है। कासिमाबाद तहसील (Kasimabad Tehsil) के कयामपुर छावनी गांव (Kayampur Chhawani Village) में बने इस पुल का उद्घाटन प्रयागराज हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के न्यायमूर्ति शेखर सिंह यादव (Shekhar Singh Yadav) द्वारा किया गया। यह पुल न केवल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयास का भी प्रतीक बन गया है।

ग्रामीणों के प्रयास से बना पुल:
इस पुल की सबसे खास बात यह है कि इसका निर्माण किसी सरकारी सहायता से नहीं, बल्कि ग्रामीणों के चंदे और श्रमदान से किया गया है। लंबे समय से पुल की मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर इस कार्य को अंजाम दिया। लोगों ने अपने स्तर पर धन एकत्र किया और श्रमदान के माध्यम से निर्माण कार्य को पूरा किया।

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी:
मंगई नदी (Mangai River) के किनारे बसे गांवों के लोग लंबे समय से पक्के पुल की मांग कर रहे थे। आजादी के बाद से ही इस क्षेत्र के लोगों ने कई बार सांसदों, विधायकों और अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। आखिरकार ग्रामीणों ने खुद पहल करते हुए इस समस्या का समाधान निकालने का निर्णय लिया।

सरकारी मदद के बिना बना उदाहरण:
जब सरकारी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब भी ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने निराश होने के बजाय एकजुट होकर चंदा इकट्ठा किया और श्रमदान के जरिए पुल का निर्माण कर दिया। यह प्रयास इस बात को दर्शाता है कि सामूहिक इच्छाशक्ति से बड़े से बड़ा काम भी संभव है।

दर्जनों गांवों को मिलेगा लाभ:
इस पुल के निर्माण से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्रामीणों को आवागमन में पहले जैसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान होगा और समय के साथ दूरी भी कम महसूस होगी।

लोकार्पण से बढ़ा उत्साह:
पुल के निर्माण के बाद इसके उद्घाटन समारोह ने ग्रामीणों के उत्साह को और बढ़ा दिया। न्यायमूर्ति शेखर सिंह यादव (Shekhar Singh Yadav) द्वारा लोकार्पण किए जाने से इस पहल को विशेष पहचान मिली है। यह पुल अब क्षेत्र में जनभागीदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

जनसहभागिता की बनी मिसाल:
यह पुल सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के सहयोग, मेहनत और एकजुटता का प्रतीक है। इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और यह दिखाती हैं कि जब लोग मिलकर प्रयास करते हैं, तो बदलाव संभव होता है।

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गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी

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