रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा
गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र में 11 जनवरी को बेलसडी गांव में हुई दीपक राजभर की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण खुलासा किया है। प्रारंभ में परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते दो लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन गहन जांच और विवेचना के बाद मामला अलग दिशा में सामने आया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी विशाल यादव सहित सौरभ यादव और धनंजय राजभर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
नामजद आरोपियों की जांच में बदली तस्वीर:
घटना के बाद परिजनों ने अभिषेक और भिखारी राजभर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। हत्या के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी और लोग इस घटना को आगामी जिला पंचायत और ग्राम प्रधान चुनाव से भी जोड़कर देख रहे थे। हालांकि कासिमाबाद थाना (Kasimbad Police Station) की पुलिस ने जब तथ्यों की गहराई से पड़ताल की, तो सामने आया कि नामजद आरोपियों की इस हत्याकांड में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी।
पुरानी रंजिश और फरारी की पृष्ठभूमि:
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि दीपक राजभर कुछ माह पहले गांव की एक युवती को साथ लेकर फरार हो गया था। इस घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में 11 जनवरी की रात दीपक राजभर को गोली मार दी गई। हत्या के बाद गांव में हंगामा हुआ और मामला तेजी से तूल पकड़ गया।
सुपारी देकर कराई गई हत्या:
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव निवासी रामनिवास राजभर, जो सेना से जुड़ा बताया गया है, ने कुछ समय पहले दीपक राजभर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि उसने 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी विशाल यादव को हत्या की सुपारी दी। विशाल यादव पर विभिन्न थानों में लगभग 15 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। उसके साथ सौरभ यादव, जिसके खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं, तथा धनंजय राजभर ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
वाहन चेकिंग में गिरफ्तारी:
कासिमाबाद पुलिस (Kasimbad Police) द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि के आधार पर विशाल यादव, सौरभ यादव और धनंजय राजभर को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान इनके पास से एक पिस्तौल, कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। जांच में मोटरसाइकिल के चोरी की होने की पुष्टि हुई। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश और क्रियान्वयन की जानकारी दी।
अन्य आरोपी फरार, तलाश जारी:
इस मामले में संदेश चौधरी, यशवंत यादव, अभिषेक यादव और रामनिवास राजभर फिलहाल फरार बताए गए हैं। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों की तलाश में विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
राजनीतिक हलचल भी रही तेज:
घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया था। मृतक के परिजनों से पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) ने मुलाकात की थी और पुलिस अधिकारियों को वास्तविक आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच प्रक्रिया को और तेज किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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