रिपोर्टें : हसीन अंसारी
गाजीपुर जिला जेल (Ghazipur District Jail) में बंद कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से योगा क्लास की शुरुआत की गई है। जेल प्रशासन द्वारा चलाई जा रही यह पहल कैदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।
कैदियों के लिए योगा क्लास की पहल:
जिला जेल प्रशासन ने कैदियों की दिनचर्या में योग को शामिल कर उन्हें तनावमुक्त और आत्मअनुशासित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। जेल में सप्ताह में एक बार योगा ट्रेनर बुलाए जाते हैं, जो बंदियों को योग के आसन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकें सिखाते हैं। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य कैदियों को मानसिक शांति और आत्म-संयम की ओर प्रेरित करना है।
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार:
योग सत्रों का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है। जेल अधिकारियों के अनुसार, जिन कैदियों ने नियमित रूप से योग करना शुरू किया है, उनमें मानसिक स्थिरता और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। योग करने से उनका तनाव कम हुआ है और शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है।
जेल प्रशासन की पहल को मिल रही सराहना:
गाजीपुर जिला जेल प्रशासन (Ghazipur Jail Administration) की इस पहल को स्थानीय समाजसेवियों और जेल सुधार समितियों द्वारा भी सराहा जा रहा है। उनका कहना है कि योग कैदियों को आत्म-सुधार और आत्म-नियंत्रण की राह पर ले जाता है, जिससे जेल से बाहर निकलने के बाद वे समाज में एक बेहतर नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
सकारात्मक दिशा में कदम:
यह प्रयास जेल सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। योग के माध्यम से कैदियों को जीवन के प्रति नई दृष्टि और आंतरिक शांति की अनुभूति कराना न केवल उनके पुनर्वास में सहायक है, बल्कि समाज में अपराध की पुनरावृत्ति को भी कम कर सकता है।
#Tags: #GhazipurJail #YogaClass #PrisonReform #MentalHealth
डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।