गाजीपुर: होली मिलन में सजी काव्य गोष्ठी, हरिशंकरी राम चबूतरा पर छाया कवियों का जादू

गाजीपुर (Ghazipur) में पारंपरिक होली मिलन समारोह के अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी ने सांस्कृतिक माहौल को विशेष रंग दे दिया। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” (Harishankari Ramleela Committee) के तत्वाधान में 8 मार्च रविवार की शाम आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न स्थानों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन गाजीपुर के अतिप्राचीन राम चबूतरा “हरिशंकरी” (Ram Chabutra Harishankari) पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, साहित्य प्रेमी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

A group of people posing together in front of a colorful banner for a cultural event, featuring decorative attire and smiles, with a festive background.

पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत:
कार्यक्रम की शुरुआत राम चबूतरा “हरिशंकरी” (Ram Chabutra Harishankari) पर स्थापित प्रभु श्रीराम के दरबार में पूजा-अर्चना के साथ हुई। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजकों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। इसके बाद होली मिलन समारोह के अंतर्गत काव्य गोष्ठी का शुभारंभ हुआ, जिसमें मंच पर आमंत्रित कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से माहौल को उत्साह और भावनाओं से भर दिया।

आयोजकों ने किया कवियों का स्वागत:
कार्यक्रम में रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” (Harishankari Ramleela Committee) के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह (Vinay Kumar Singh) और मंत्री ओमप्रकाश तिवारी “बच्चा” (Omprakash Tiwari “Baccha”) सहित कमेटी के अन्य सदस्यों ने बाहर से आए कवियों का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र भेंट कर और अबीर-गुलाल लगाकर स्वागत किया। इस सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। काव्य गोष्ठी का संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि शंकर कैमूरी (Shankar Kaimuri) ने किया, जिन्होंने अपने रोचक और प्रभावी संचालन से पूरे कार्यक्रम को सजीव बनाए रखा।

A gathering at a seminar featuring multiple speakers, seated on stage in front of a colorful banner with text in Hindi. The attendees are seated in chairs facing the stage, with decorations in orange and white.

मशहूर कवियों ने सुनाईं प्रभावशाली रचनाएं:
काव्य गोष्ठी में अंबुज मिश्रा (Ambuj Mishra), फजीहत गहमरी (Fajihat Gahmari), गुनगुन गुप्ता (Gungun Gupta), बादशाह प्रेमी (Badshah Premi), अमरनाथ तिवारी “अमर” (Amarnath Tiwari “Amar”) और अंतरराष्ट्रीय कवि पंडित भूषण त्यागी (Pandit Bhushan Tyagi) सहित कई प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। इन कवियों ने प्रेम, समाज, देशभक्ति और समसामयिक विषयों पर आधारित कविताओं का पाठ किया, जिसे सुनकर श्रोता बार-बार तालियां बजाने और वाह-वाह करने को मजबूर हो गए।

कविताओं ने श्रोताओं का दिल जीता:
कवि अंबुज मिश्रा (Ambuj Mishra) ने प्रेम की भावनाओं से ओतप्रोत अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा—
“मैंने देखा नहीं तुम दिखे भी नहीं,
मैंने खोजा नहीं तुम मिले भी नहीं,
प्यार ही चाहिए ज़िंदगी के लिए,
मैंने मांगा नहीं तुम दिए भी नहीं।”
उनकी इस भावपूर्ण कविता ने श्रोताओं के बीच विशेष सराहना प्राप्त की और लोग देर तक तालियां बजाते रहे।

सामाजिक संदेश से भरपूर रही प्रस्तुतियां:
कार्यक्रम का संचालन कर रहे शंकर कैमूरी (Shankar Kaimuri) ने भी अपनी सामाजिक संदेश से भरपूर पंक्तियों के माध्यम से समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा—
“वो आदमी तलाशो जो करके ये दिखा दे,
पत्थर को मोम कर दे, शीशे का दिल बना दे,
लाया हूं बंद करके मैं साफ बोतलों में,
किस जात का लहू है कोई डॉक्टर बता दे।”
उनकी इन पंक्तियों ने सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।

बेटियों के महत्व पर भी सुनाई गई कविता:
कवयित्री गुनगुन गुप्ता (Gungun Gupta) ने बेटियों के महत्व को रेखांकित करते हुए भावपूर्ण कविता सुनाई। उन्होंने कहा—
“बेटे हैं नेह मेघ तो बौछार बेटियां,
बेटे यदि गुलाब तो गुलनार बेटियां,
एक दूसरे से कम नहीं दोनों हैं बराबर,
बेटे सृजन के स्रोत तो आधार बेटियां।”
इस कविता ने श्रोताओं के बीच विशेष उत्साह पैदा किया और लोगों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया।

देशभक्ति से ओतप्रोत रचना ने बढ़ाया उत्साह:
अंतरराष्ट्रीय कवि पंडित भूषण त्यागी (Pandit Bhushan Tyagi) ने अपनी देशभक्ति से प्रेरित रचना प्रस्तुत करते हुए कहा—
“दर्द होता रहा छटपटाते रहे,
आईने से सदा चोट खाते रहे,
वो वतन बेचकर मुस्कराते रहे,
हम वतन के लिए सर कटाते रहे।”
इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में देशभक्ति की भावना को और भी प्रबल बना दिया।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे नागरिक:
राम चबूतरा “हरिशंकरी” (Ram Chabutra Harishankari) पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रचारक प्रभात जी (Prabhat), नगर प्रचारक विक्रम जी (Vikram), शासकीय अधिवक्ता सिविल अजय पाठक (Ajay Pathak), शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृपाशंकर राय (Kripashankar Rai) सहित अनेक सामाजिक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। इसके अलावा अशोक अग्रवाल (Ashok Agarwal), रोहित अग्रवाल (Rohit Agarwal), गोपाल जी पांडे (Gopal Ji Pandey), लव त्रिवेदी (Lav Trivedi), मयंक तिवारी (Mayank Tiwari), जयसूर्या भट्ट (Jaysurya Bhatt), बनबिहारी सिंह (Banbihari Singh), कमलेश सिंह (Kamlesh Singh), नाहिद खान (Nahid Khan), प्रहलाद पांडेय (Prahlad Pandey), राकेश तिवारी (Rakesh Tiwari), सूर्यवीर सिंह (Suryaveer Singh), अजय श्रीवास्तव (Ajay Srivastava), अमरमणि त्रिपाठी (Amarmani Tripathi), प्रमोद सिन्हा (Pramod Sinha) सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त:
कार्यक्रम के समापन पर रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” (Harishankari Ramleela Committee) के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी “बच्चा” (Omprakash Tiwari “Baccha”) ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

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