Video:गाजीपुर में फिर सक्रिय हुई ग्राम चौपाल, ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचे अधिकारी
गाजीपुर (Ghazipur) में एक बार फिर ग्राम चौपाल व्यवस्था को सक्रिय रूप से लागू करने की कोशिश तेज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री के पुराने निर्देशों के तहत गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था केवल औपचारिकता और फोटो सेशन तक सीमित होती चली गई। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं लगातार बढ़ती रहीं। अब नवागत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) के आगमन के बाद प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है और गांव-गांव जाकर ग्राम चौपाल आयोजित की जा रही है।
इसी क्रम में गाजीपुर (Ghazipur) की सदर तहसील के ग्राम पंचायत खालिसपुर (Khalispur) में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। चौपाल में जमीन विवाद, वृद्धावस्था पेंशन, आवास, राशन वितरण और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश:
ग्राम पंचायत खालिसपुर (Khalispur) में आयोजित चौपाल में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) और मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद (Alok Prasad) मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने पंचायत भवन में सचिव, लेखपाल और बीट कॉस्टेबल को अपने-अपने कार्य रजिस्टर के साथ उपस्थित रहने और नियमित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम सचिव पर सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
ग्राम विकास कार्यों की जानकारी दी गई:
कार्यक्रम के दौरान जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज (Subhash Chandra Saroj) ने पिछले तीन वर्षों में गांव में केंद्रीय वित्त और राज्य वित्त से कराए गए विकास कार्यों की सूची पढ़कर ग्रामीणों को सुनाई। प्रशासन की ओर से यह प्रयास किया गया कि ग्रामीणों को गांव में हुए विकास कार्यों और सरकारी खर्च की जानकारी पारदर्शिता के साथ दी जाए।
ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं:
ग्राम चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने भूमि विवाद, रास्ता विवाद, चकरोड की पैमाइश, अविवादित विरासत, खतौनी में नाम दर्ज न होने, कब्जे और राजस्व मामलों से संबंधित शिकायतें प्रशासन के सामने रखीं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन वितरण, पेयजल व्यवस्था, सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा व्यवस्था और मनरेगा (MGNREGA) से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और निराश्रित महिला पेंशन से संबंधित समस्याएं भी अधिकारियों को बताईं।
तत्काल समाधान पर दिया गया जोर:
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का तत्काल निस्तारण संभव है, उन्हें तुरंत हल किया जाए और बाकी समस्याओं के समाधान के लिए निश्चित समय सीमा तय की जाए।
जिलाधिकारी ने आवास और शौचालय योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची पंचायत भवन में चस्पा करने के निर्देश भी दिए, ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे और ग्रामीणों को जानकारी आसानी से मिल सके।
ग्राम चौपाल का उद्देश्य बताया गया:
प्रशासन की ओर से कहा गया कि ग्राम चौपाल का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाना और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। इसके साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना भी इस पहल का हिस्सा है।
गाजीपुर (Ghazipur) में लगातार आयोजित हो रही ग्राम चौपालों से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब तेजी से हो सकेगा और प्रशासन गांव स्तर तक पहुंचकर कार्य करेगा।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी