जमानियां (Zamania) गाजीपुर (Ghazipur) क्षेत्र में गंगा पुल (Ganga Bridge) के एप्रोच मार्ग पर लगाए गए हाइट गेज बैरियर को लेकर उठे विवाद ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए लगाए गए इस बैरियर के टूटने और उसके बाद की घटनाओं ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
हाइट गेज बैरियर तोड़ने का वायरल वीडियो:
जानकारी के अनुसार बीते रविवार को एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा गया कि जमानियां (Zamania) से धरम्मरपुर (Dharmmarpur) जाने वाले गंगा पुल (Ganga Bridge) के एप्रोच मार्ग पर लगाए गए हाइट गेज बैरियर को तोड़ा जा रहा है। वीडियो में एक ट्रैक्टर चालक द्वारा ट्राली को उठाकर एक ट्रेलर वाहन को रास्ता दिया जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद कुछ दबंगों द्वारा बैरियर को नीचे गिरा दिया गया और भारी वाहनों का आवागमन पुनः शुरू हो गया।
प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती:
इस घटना को स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था को खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। सड़क सुरक्षा समिति (Road Safety Committee) की बैठक के बाद लोक निर्माण विभाग (Public Works Department – PWD) द्वारा यह बैरियर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए लगाया गया था। लेकिन कुछ ही समय बाद इसे तोड़ दिया गया, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
पुलिस की कार्रवाई और ट्रैक्टर विवाद:
सूत्रों के अनुसार वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और अगले दिन सोमवार को कथित तौर पर घटना में शामिल एक ट्रैक्टर कोतवाली परिसर (Kotwali Premises) में खड़ा पाया गया। हालांकि इस मामले पर जब कोतवाल राम सजन नागर (Ram Sajan Nagar) से जानकारी ली गई तो उन्होंने किसी भी ट्रैक्टर को जब्त करने या मुकदमा दर्ज करने की बात से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि न तो कोई ट्रैक्टर खड़ा किया गया है और न ही इस मामले में कोई कार्रवाई हुई है, तथा जिसने तोड़ा है वही इसे बनवाएगा। इस बयान के बाद मामला और अधिक विवादों में आ गया।
कोतवाली परिसर में ट्रैक्टर की मौजूदगी पर सवाल:
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि यदि किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है तो कोतवाली परिसर (Kotwali Premises) में ट्रैक्टर कैसे पहुंचा। इस स्थिति ने पुलिस की कार्यशैली और पारदर्शिता पर कई तरह के प्रश्न खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
बालू माफिया और दबंगई का आरोप:
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहली घटना नहीं है जब हाइट गेज बैरियर को तोड़ा गया हो। इससे पहले भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रही हैं। चर्चा यह भी है कि कुछ बालू माफिया (Sand Mafia) और दबंग तत्वों के कारण भारी वाहनों का आवागमन बिना रोकटोक जारी है। आमजन के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
सफेदपोश संरक्षण की चर्चा:
घटना के बाद क्षेत्र में यह भी चर्चा तेज है कि कुछ सफेदपोश (White Collar Influence) लोगों के संरक्षण में अवैध बालू कारोबार और भारी वाहनों का संचालन हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी संरक्षण के कारण दबंग तत्वों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई भय नहीं रह गया है।
दोबारा बैरियर लगाने की तैयारी:
प्रशासनिक स्तर पर यह बात सामने आई है कि गंगा पुल (Ganga Bridge) पर हाइट गेज बैरियर को दोबारा लगाया जाएगा। हालांकि इससे पहले हुई घटना और पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है।
फिलहाल यह मामला जमानियां (Zamania) क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल
