गाजीपुर में साइबर वज्र अभियान की बड़ी कार्रवाई, सात साइबर ठग गिरफ्तार

Ghazipur (गाजीपुर) में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे Cyber Vajra Abhiyan (साइबर वज्र अभियान) के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान के दौरान Cyber Cell (साइबर सेल), Cyber Crime Police Station (साइबर क्राइम थाना) और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में NCRP Portal (एनसीआरपी पोर्टल) पर दर्ज करीब 20 शिकायतों में लगभग 2.55 करोड़ रुपये की धनराशि की संलिप्तता सामने आई है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

आठ टीमों ने की संयुक्त कार्रवाई:

Director General of Police Uttar Pradesh (पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश) द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी Cyber Vajra Abhiyan (साइ-वज्र अभियान) के तहत यह कार्रवाई की गई। Additional Director General of Police Varanasi Zone (अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन) और Deputy Inspector General Varanasi Range (उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र) के निर्देश पर Superintendent of Police Ghazipur (पुलिस अधीक्षक गाजीपुर) Dr. Eraz Raja (डॉ. ईरज राजा), Additional Superintendent of Police Rakesh Kumar Mishra (राकेश कुमार मिश्रा) तथा Circle Officer City (क्षेत्राधिकारी नगर) के निर्देशन में आठ टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।

टास्क फ्रॉड और म्यूल खातों के जरिए ठगी का आरोप:

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों पर टास्क फ्रॉड, फेक रेटिंग, म्यूल खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबर, संदिग्ध एटीएम निकासी और Ponzi Scheme (पोंजी स्कीम) के माध्यम से साइबर ठगी करने के आरोप हैं। इस संबंध में जिले के विभिन्न थानों में छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियां देश के कई राज्यों तक फैली हुई थीं और उनके खिलाफ NCRP Portal (एनसीआरपी पोर्टल) पर कई शिकायतें दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

पुलिस ने Priyanshu Prajapati (प्रियांशु प्रजापति), Kuldeep Verma (कुलदीप वर्मा), Prince Gupta (प्रिंस गुप्ता), Anurag Kumar (अनुराग कुमार) और Sunny alias Pawan (सन्नी उर्फ पवन) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो बाल अपचारियों को भी पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत निरुद्ध किया है। पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जबकि कुछ टास्क गेमिंग और अन्य माध्यमों से कथित साइबर ठगी में संलिप्त थे।

जांच में सामने आया ठगी का तरीका:

पुलिस के मुताबिक, आरोपी विभिन्न ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े फर्जी रेटिंग और टास्क पूरे कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके अलावा निवेश, गेमिंग और ट्रेडिंग के नाम पर प्राप्त धनराशि को म्यूल खातों के जरिए एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित किया जाता था। कुछ मामलों में WhatsApp (व्हाट्सएप) और Telegram (टेलीग्राम) समूहों के माध्यम से लोगों को टास्क पूरा करने और अधिक कमाई का झांसा देकर ठगी किए जाने की बात भी सामने आई है।

आमजन से पुलिस की अपील:

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अधिक कमाई या आसान लाभ के नाम पर दिए जाने वाले किसी भी ऑफर के झांसे में न आएं। अपने नाम से बैंक खाता खोलकर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या National Cyber Crime Reporting Portal (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी थाने में भी सूचना देने की सलाह दी गई है।

Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी

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