गाजीपुर में तहसीलदार के निर्देश पर बवाल, आदिवासी कांग्रेस ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

Ghazipur (गाजीपुर) में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान दिए गए एक कथित निर्देश को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Sevrai (सेवराई) तहसील के तहसीलदार Sunil Kumar Singh (सुनील कुमार सिंह) पर आरोप है कि उन्होंने Gond (गोंड) और Kharwar (खरवार) आदिवासी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल न करने का मौखिक निर्देश दिया। इस मामले को लेकर Uttar Pradesh Adivasi Congress (उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन:
इस मुद्दे को लेकर Uttar Pradesh Adivasi Congress (उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस) के प्रदेश महासचिव (प्रशासन) Kundan Kharwar (कुन्दन खरवार) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने Ghazipur (गाजीपुर) के अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तहसीलदार Sunil Kumar Singh (सुनील कुमार सिंह) को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और उनके खिलाफ गोपनीय जांच कर विभागीय कार्रवाई की मांग की गई।

प्रशिक्षण के दौरान दिए गए निर्देश पर विवाद:
ज्ञापन के अनुसार 25 अप्रैल 2026 को Revatipur (रेवतीपुर) स्थित Nehru Vidyapeeth Inter College (नेहरू विद्यापीठ इंटर कॉलेज) में आयोजित जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार ने प्रशिक्षार्थियों को निर्देश दिया कि Gond (गोंड) और Kharwar (खरवार) समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति में शामिल न किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति इस श्रेणी का दावा करता है तो उससे हालिया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा जाए।

निर्देशों को बताया नियमों के विपरीत:
Uttar Pradesh Adivasi Congress (उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस) ने इस निर्देश को शासनादेशों और जनगणना के तय मानकों के विपरीत बताया है। संगठन का कहना है कि इस तरह के निर्देश न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे प्रशासन की छवि भी प्रभावित होती है और आम लोगों के भरोसे को ठेस पहुंचती है।

आदिवासी कांग्रेस ने जताई नाराजगी:
Kundan Kharwar (कुन्दन खरवार) ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि यह कदम अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इससे आदिवासी समाज के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन Gond (गोंड) और Kharwar (खरवार) समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाता रहेगा।

कई पदाधिकारियों की मौजूदगी:
ज्ञापन सौंपने के दौरान Ravikant Rai (रविकांत राय) AICC, Gopal Ram Kharwar (गोपाल राम खरवार), Jokhu Gond (जोखु गोंड़), Sheshnath Gond (शेषनाथ गोंड़), Satyendra Gond (सत्येंद्र गोंड़), Divanshu Gond (दिवांशु गोंड़) और Dinesh Kharwar (दिनेश खरवार) सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि:
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि Chief Census Commissioner (मुख्य जनगणना आयुक्त), Prime Secretary CM Office (प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय), District Magistrate Ghazipur (जिलाधिकारी गाजीपुर), AICC (अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस) और Ajay Rai (अजय राय) को भी भेजी गई है, ताकि मामले में उच्च स्तर पर संज्ञान लिया जा सके।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज:
संगठन का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आगे आंदोलन किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है।


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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल

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