गाजीपुर: धामूपुर में वीर अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि, शहादत दिवस पर पहुंचे दो केंद्रीय मंत्री

गाजीपुर के धामूपुर गांव में परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के 61वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। वीर अब्दुल हमीद के पैतृक गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय शामिल हुए। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने शहीद अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शौर्य, साहस और बलिदान को याद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग भी पहुंचे और देश के इस वीर सपूत को नमन किया।

मंत्रियों ने प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धासुमन:

शहादत दिवस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। दोनों मंत्रियों ने उनके अदम्य साहस और देश के लिए दिए गए बलिदान को याद करते हुए नमन किया।

वीर अब्दुल हमीद ने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अदम्य वीरता का प्रदर्शन किया था। युद्ध में उन्होंने दुश्मन के कई टैंकों को ध्वस्त किया था। उनके शौर्य और पराक्रम को देश आज भी सम्मान के साथ याद करता है।

भारतीय सेना के शौर्य को किया याद:

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम को भी याद किया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर भारतीय सेना ने अपनी वीरता और साहस से दुनिया को अचंभित किया है।

केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ वर्ष 1965 और 1971 के युद्ध के साथ कारगिल और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अपने शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया। उनके मुताबिक, इन सभी मौकों पर भारतीय सेना ने दुश्मन को पराजित किया।

ऑपरेशन सिंदूर का भी किया उल्लेख:

शहादत दिवस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों ने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पूरी तरह स्वदेशी हथियारों का उपयोग कर भारतीय सेना ने दुनिया को हैरान कर दिया। मंत्रियों ने कहा कि अब भारत बड़ी मात्रा में रक्षा क्षेत्र से जुड़े सामान का निर्यात भी कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान वीर अब्दुल हमीद के बलिदान के साथ भारतीय सेना की वीरता और देश की रक्षा के लिए दिए गए योगदान को याद किया गया।

10 सितंबर 1965 को हुए थे शहीद:

वीर अब्दुल हमीद वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान 10 सितंबर 1965 को देश के लिए शहीद हो गए थे। युद्ध के दौरान उनके अद्वितीय साहस और वीरता ने उन्हें देश के वीर सपूतों में विशेष स्थान दिलाया।

देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के बाद वीर अब्दुल हमीद को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उनके 61वें शहादत दिवस पर उनके पैतृक गांव धामूपुर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।

धामूपुर में जुटे बड़ी संख्या में लोग:

वीर अब्दुल हमीद की शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उनके पैतृक गांव धामूपुर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान लोगों ने देश के इस वीर सपूत को नमन किया।

कार्यक्रम में वीर अब्दुल हमीद के शौर्य, पराक्रम और देश के लिए दिए गए बलिदान को याद किया गया। उनके जीवन और वीरता से जुड़े योगदान को श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान सम्मान के साथ स्मरण किया गया।

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गाज़ीपुर ब्यूरो: हसीन अंसारी

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