गाजियाबाद (Ghaziabad) के एक आवासीय परिसर में मंगलवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार घटना रात करीब 2 बजे की है। तीनों बच्चियों ने पहले कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल की मदद से एक-एक कर बालकनी से छलांग लगा दी। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
भारत सिटी टॉवर में हुई घटना:
यह घटना भारत सिटी (Bharat City) के बी-1 टॉवर स्थित फ्लैट नंबर 907 की है। फ्लैट में परिवार के सदस्य रोजमर्रा की तरह सो रहे थे। माता-पिता अपने बेटे के साथ एक कमरे में थे, जबकि तीनों बहनें दूसरे कमरे में सो रही थीं। देर रात अचानक तेज आवाज सुनकर परिजन जागे और बच्चियों के कमरे की ओर दौड़े, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो बच्चियां कमरे में नहीं थीं। नीचे जाकर देखा गया तो तीनों जमीन पर पड़ी हुई थीं।
पुलिस को देर रात मिली सूचना:
एसपी अतुल कुमार सिंह (Atul Kumar Singh) के अनुसार पुलिस को रात करीब 2:18 बजे घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि जिस स्थान से बच्चियों ने छलांग लगाई, वहां से जमीन की दूरी करीब 80 फीट थी। तीनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाई गईं, जिन्हें तत्काल एंबुलेंस से लोनी (Loni) के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत बच्चियों की पहचान:
पुलिस ने मृत बच्चियों की पहचान निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) के रूप में की है। तीनों सगी बहनें थीं और अपने माता-पिता व एक भाई के साथ इसी फ्लैट में रहती थीं। परिवार के मुखिया चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। परिवार में पत्नी, एक बेटा और तीनों बेटियां थीं। दो कमरों और एक हॉल वाले इस फ्लैट में परिवार सामान्य जीवन जी रहा था।
डायरी में मिला सुसाइड नोट:
पुलिस को बच्चियों के कमरे से एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें 18 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा मिला है। पुलिस का कहना है कि नोट में बच्चियों ने अपने कदम के पीछे की वजह का जिक्र किया है। डायरी को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है और पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
गेम की लत से जुड़ा मामला:
पिता चेतन ने बताया कि तीनों बेटियां पिछले तीन वर्षों से टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम खेल रही थीं। उनका कहना है कि बेटियां इस कदर गेम में डूबी रहती थीं कि बीते दो वर्षों से स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। वे दिनभर एक साथ रहती थीं और आसपास के लोगों से बातचीत भी नहीं करती थीं। पिता के मुताबिक बेटियां अक्सर कहती थीं कि उन्हें कोरिया जाना है और गेम ही उनकी दुनिया है।
पिता की डांट के बाद उठाया कदम:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिता ने बेटियों को गेम खेलने से मना किया था और इस बात को लेकर उन्हें फटकार भी लगाई थी। इसके बाद ही तीनों ने यह कठोर कदम उठाया। पिता ने बताया कि सुसाइड नोट में लिखा है, “सॉरी पापा, हम गेम नहीं छोड़ सके। कोरियन गेम हमारी जिंदगी, हमारी जान है।”
आपसी तालमेल और टास्क का जिक्र:
पिता के अनुसार बीच वाली बेटी प्राची बाकी दोनों बहनों को टास्क देती थी और खुद गेम में डेथ कमांडर की भूमिका निभाती थी। दोनों छोटी बहनें उसकी हर बात मानती थीं। तीनों बहनें हर समय साथ रहती थीं, साथ नहाती थीं और साथ ही टॉयलेट जाती थीं। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई थी।
पुलिस कर रही जांच:
एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी (Alok Priyadarshi) ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। तीनों मोबाइल फोन से गेम खेलती थीं। किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।
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