गाजीपुर में ट्रांसफार्मर चोरी कांड, जांच में अफसर पर गिरी गाज

गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के बिजली विभाग में ट्रांसफार्मर चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विभागीय जांच में उपखंड अधिकारी (SDO) को दोषी पाए जाने के बाद अब उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह मामला जुलाई 2025 का है, जब खान जंगीपुर (Khan Jangipur) क्षेत्र के बेन सागर फीडर (Ben Sagar Feeder) से एक साथ 10 बिजली ट्रांसफार्मर गायब होने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद भी लंबे समय तक ठोस कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे थे, जो अब जांच के बाद स्पष्ट होते नजर आ रहे हैं।

जुलाई 2025 में सामने आया मामला:
जानकारी के अनुसार, बेन सागर फीडर (Ben Sagar Feeder) से एक-दो नहीं बल्कि कुल 10 ट्रांसफार्मर गायब हो गए थे। उस समय क्षेत्र में बिजली की मांग अधिक थी और ट्रांसफार्मरों के जलने की घटनाएं भी बढ़ रही थीं। ऐसे समय में ट्रांसफार्मरों की चोरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (Junior Engineer) ने 19 जुलाई 2025 को इस घटना की जानकारी उपखंड अधिकारी को दी थी और नोनहरा थाना (Nandohra Police Station) में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था।

मुकदमा दर्ज न होने से दबा मामला:
हालांकि, पुलिस द्वारा इस मामले में तत्काल कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके साथ ही, एसडीओ को सूचना मिलने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे मामला धीरे-धीरे दबता चला गया। इस लापरवाही ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और मामले की गंभीरता कम होती गई।

दिशा बैठक में उठा मुद्दा:
जनवरी 2026 में यह मामला तब फिर सुर्खियों में आया, जब गाजीपुर (Ghazipur) के सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) ने दिशा बैठक (Disha Meeting) में इसे उठाया। इस मुद्दे के उठते ही विभाग हरकत में आया और मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। इसके बाद पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आई लापरवाही:
जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में उपखंड अधिकारी प्रमोद यादव (Pramod Yadav) की लापरवाही और संलिप्तता सामने आई। इसके साथ ही कुछ लाइनमैनों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, जिससे मामला बढ़ता चला गया।

अधीक्षण अभियंता ने दी जानकारी:
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना (Vivek Khanna) ने बताया कि जुलाई 2025 में ट्रांसफार्मर चोरी की घटना सामने आई थी, जिसमें से 5 से 6 ट्रांसफार्मरों की बरामदगी भी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच में एसडीओ प्रमोद यादव को दोषी पाया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू:
अधीक्षण अभियंता के अनुसार, जैसे ही उच्च अधिकारियों से निर्देश प्राप्त होंगे, दोषी अधिकारी के खिलाफ निलंबन या अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


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रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा

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