देवरिया: आग की चपेट में आई सैकड़ों एकड़ फसल, किसानों को भारी नुकसान

देवरिया: भुलईपुर (Bhulaipur) क्षेत्र में शुक्रवार को भीषण आग लगने से लगभग दो सौ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि देखते ही देखते कई खेत इसकी चपेट में आ गए और किसानों की मेहनत कुछ ही समय में नष्ट हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और प्रभावित किसान गहरे संकट में आ गए हैं।

A group of people gathered near a fire truck, looking towards a nearby burning structure in a field, with smoke rising in the background.

तेज लपटों ने कई खेतों को लिया चपेट में:
स्थानीय लोगों के अनुसार आग अचानक भड़की और तेज हवाओं के कारण तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही देर में आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ता गया। ग्रामीणों ने बताया कि आग इतनी भयंकर थी कि उसे रोक पाना बेहद मुश्किल हो गया था।

दमकल के देर से पहुंचने से बढ़ा नुकसान:
ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद दमकल समय पर नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते आग पर काबू पाने में देरी हुई और नुकसान अधिक हो गया। यदि समय रहते राहत पहुंच जाती, तो संभवतः कुछ फसल को बचाया जा सकता था। इस देरी ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया।

ग्रामीणों ने खुद संभाली मोर्चा:
आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर प्रयास किए। ट्रैक्टर-टैंकर और अन्य निजी संसाधनों की मदद से घंटों तक आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद तब तक फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी थी। यह दृश्य देखकर किसानों में मायूसी छा गई।

किसानों के सामने खड़ा हुआ संकट:
इस आग की घटना से सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। जिन किसानों की फसल जली है, उनमें राम निवास मिश्र (Ram Niwas Mishra), केदार नाथ यादव (Kedar Nath Yadav), रामशीष यादव (Ramshish Yadav), प्रदीप कुमार यादव (Pradeep Kumar Yadav), सोमेश्वर मिश्र (Someshwar Mishra), शंकर दयाल मिश्र (Shankar Dayal Mishra), ओमप्रकाश यादव (Omprakash Yadav) और लक्ष्मीकांत तिवारी (Laxmikant Tiwari) सहित कई अन्य शामिल हैं। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत पल भर में राख हो गई, जिससे अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन से मदद की उम्मीद:
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की आपदा में उन्हें आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें और भविष्य के लिए तैयारी कर सकें। फिलहाल, आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है और मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com


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रिपोर्टर: गुड़िया मद्धेशिया

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