Lucknow (लखनऊ) में आयोजित ‘Gau Garjana Akshauhini Sankalp Sabha (गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा)’ के दौरान Avimukteshwaranand Saraswati (अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती) ने गो-संरक्षण आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया। शुक्रवार को आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि अब यह अभियान Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) समेत पूरे देश के गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 1.07 लाख गांवों से गोमाता को Lucknow (लखनऊ) लाया जाएगा और उनका CM Yogi Adityanath (सीएम योगी आदित्यनाथ) से मिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार आंदोलन के लिए सरकार से अनुमति नहीं मांगी जाएगी।
17 अगस्त से शुरू होगा नया अभियान:
सभा को संबोधित करते हुए Avimukteshwaranand Saraswati (अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती) ने बताया कि 17 अगस्त से आंदोलन का नया चरण शुरू होगा। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर को बड़ी संख्या में लोग Lucknow (लखनऊ) पहुंचेंगे और यहां 11 दिनों तक रहेंगे। इसके बाद आंदोलन का अगला चरण Delhi (दिल्ली) की ओर बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े आयोजन के लिए सरकार को मैदान और भोजन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
शंखनाद सभा के बाद हुई नई घोषणा:
उन्होंने बताया कि इससे पहले 11 मार्च को Lucknow (लखनऊ) में आयोजित ‘Shankhnad Sabha (शंखनाद सभा)’ के दौरान 24 जुलाई के कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। आयोजन समिति के अनुसार, 3 जुलाई को सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं, लेकिन कार्यक्रम से लगभग 36 घंटे पहले तक अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद समर्थकों से लखनऊ आने के बजाय अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में ‘गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा’ आयोजित करने की अपील की गई।
छत्तीसगढ़ में होगा प्रशिक्षण शिविर:
सभा में घोषणा की गई कि 14 से 17 अगस्त तक Chhattisgarh (छत्तीसगढ़) में प्रतिनिधियों का सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी अवधि के बाद 17 अगस्त से देशभर में ‘एक नोट अभियान’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति से आंदोलन के समर्थन में एक नोट का सहयोग देने की अपील की जाएगी। साथ ही ‘गो माता के नाम कांवड़ यात्रा’ निकालने का अभियान भी चलाने की घोषणा की गई, ताकि अधिक से अधिक लोगों को गो-संरक्षण अभियान से जोड़ा जा सके।
काशी में 11 दिवसीय गौ प्रतिष्ठा यज्ञ:
सभा के दौरान यह भी बताया गया कि शारदीय नवरात्र के अवसर पर Kashi (काशी) में 11 दिनों तक ‘गौ प्रतिष्ठा यज्ञ’ आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। इस आयोजन के दौरान गो-संरक्षण के लिए संकल्प दिलाने और लोगों को इस अभियान से जोड़ने की बात कही गई।
गांव-गांव से निकलेगी प्रतीकात्मक यात्रा:
घोषणा के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया से Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) के प्रत्येक गांव से एक-एक नंदी या आनंदी की प्रतीकात्मक यात्रा निकलेगी। यह यात्रा विभिन्न चरणों से गुजरते हुए गोपाष्टमी के दिन Lucknow (लखनऊ) पहुंचेगी। आयोजन पक्ष का दावा है कि यह अभियान प्रदेश के 1.07 लाख गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
दिल्ली और गांवों तक पहुंचेगा आंदोलन:
सभा में कहा गया कि Lucknow (लखनऊ) कार्यक्रम के बाद 11 दिनों तक प्रतीक्षा की जाएगी। इसके बाद आंदोलन दो चरणों में आगे बढ़ेगा। एक टोली Delhi (दिल्ली) की ओर जाएगी, जबकि दूसरी टोली Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) के गांवों में जाकर गो-संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी।
अनुमति को लेकर समिति ने जताई नाराजगी:
आयोजन समिति ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए समय पर आवेदन करने और 4.64 लाख रुपये से अधिक शुल्क जमा करने के बावजूद प्रशासन ने अंतिम समय तक अनुमति की स्थिति स्पष्ट नहीं की। समिति का कहना है कि इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी। समिति के अनुसार, 3 जुलाई को आवेदन किया गया था, लेकिन समय पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला। यह भी दावा किया गया कि प्रदेश के कई जिलों में आयोजकों और गौभक्तों को हाउस अरेस्ट किया गया तथा अनुमति पत्र कार्यक्रम से लगभग 36 घंटे पहले पोर्टल पर अपलोड किया गया।
अक्षौहिणी का बताया गया महत्व:
सभा में ‘अक्षौहिणी’ शब्द का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि प्राचीन भारतीय युद्ध प्रणाली में सेना की सबसे बड़ी और संपूर्ण इकाई को अक्षौहिणी कहा जाता था। यह रथ, हाथी, घुड़सवार और पैदल सैनिकों से मिलकर बनी चतुरंगिणी सेना होती थी। महाभारत काल में 18 अक्षौहिणी सेनाओं के युद्ध का उल्लेख मिलता है।
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