इस रेल योजना से चमकेगी पूर्वांचल की किस्मतगाजीपुर में पीएम मोदी करेंगें उद्घाटन

  • लिखा जा रहा नया इतिहास
  • वर्षों से जनता ने लगाया था आस
  • 60 वर्षों की तपस्या का मिलेगा फल
  • बदल रहा आज, सुनहरा होगा कल

उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को ताड़ीघाट-मऊ नई रेलखंड के विस्तारीकरण परियोजना की आधारशिला रखी थी। ताड़ीघाट-गाजीपुर-मऊ परियोजना दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण सोनवल से गाजीपुर सिटी व गाजीपुर घाट और दूसरे चरण में गाजीपुर घाट से मऊ तक। पहले चरण में कोलकाता-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर स्थित दिलदारनगर स्टेशन से सोनवल-गाजीपुर सिटी स्टेशन पर नई रेल लाइन और गंगा पर रेल सहरोड पुल तैयार है।

1962 में लिया गया था निर्णय

1962 में गाजीपुर के तत्कालीन सांसद विश्वनाथ सिंह गहमरी पूर्वांचल में गरीबी और पिछड़ेपन पर बयान करते हुए संसद भवन में रो पड़े थे. गहमरी के दर्द को सुनकर सब अवाक रह गये. तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने पटेल आयोग का गठन किया. पटेल कमीशन आयोग ने पूर्वांचल में सर्वे कर गाजीपुर में उद्योग , सड़क, रेल लाइन, नाहर इत्यादि की परियोजनाएं पेश की. इसमें गाजीपुर सिटी से पूरब दिशा में ताड़ी घाट तक ख़त्म हो चुके रेल लाइन को जोड़ने की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की. लेकिन सरकारें आती गयीं और चली गयीं. कई काम हुए, उनमे गंगा के ऊपर रोड पुल भी शामिल है लेकिन रेल कम रोड ब्रिज न बन सका.

स्व. विश्वनाथ सिंह गहमरी

इस परियोजना से क्या होगा फायदा?

इस रेल कम रोड ब्रिज से न केवल पूर्वांचल का विकास हो बल्कि यूपी से सटे बिहार के कई जिलों में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. इस ब्रिज पर सड़क और रेल परिचालन शुरू होने से मुगलसराय यानि दिन दयाल उपाध्याय जंक्शन का लोड कम होगा. वाराणसी के अतिरिक्त पूर्वांचल के अन्य जिलों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ जायेंगीं. गाजीपुर के पडोसी जिले जैसे मऊ, आजमगढ़, बलिया को सीधा फायदा होगा. वहीँ बिहार के कई जिलों जैसे बक्सर, आरा, छपरा भी सीधे इस मार्ग से जुड़ जायेगें.

  • 51 किमी ताड़ीघाट-गाजीपुर-मऊ रेललाइन विस्तारीकरण परियोजना
  • 1766 करोड़ से दो चरणों में होगी पूरी
  • 9.6 किमी पहले चरण में रेललाइन परियोजना पूरी
  • 11 मार्च 2023 को डीजल इंजन का हुआ था ट्रायल
  • 31 मार्च 2023 को इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया
  • नई रेल लाइन और गंगा पर रेल सहरोड पुल तैयार

पहले चरण में कोलकाता-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर स्थित दिलदारनगर स्टेशन से सोनवल-गाजीपुर सिटी स्टेशन पर नई रेल लाइन और गंगा पर रेल सहरोड पुल तैयार है। पिछले साल में ही सीआरएस (कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी) का दौरा, डीजल व इलेक्ट्रिक इंजन का सफल स्पीड ट्रायल हो चुका है।

कई रूटों का जंक्शन बनेगा गाजीपुर सिटी स्टेशन

इस नई रेल लाइन के शुरू होने पर पटना, दिल्ली व कोलकाता की ट्रेनें यहां से होकर भी संचालित की जा सकेंगी। यह रेल लाइन दिल्ली-हावड़ा, वाराणसी-बलिया-छपरा व भटनी रूट आपस में जुड़ेगा। इस लाइन का प्रयोग बाईपास रूट के लिए भी किया जा सकेगा। इससे कई जिले सीधे लाभान्वित होंगे। रेल यातायात बेहतर होने से जिले में व्यापारिक गतिविधियां को बढ़ावा मिलेगी।

कब होगा उद्घाटन ?

आधारशिला प्रधानमंत्री ने रखी है तो इसका उद्घाटन भी उन्हीं के हाथों होना तय है। 60 वर्षों के लम्बे इंतज़ार के 2016 में तत्कालीन सांसद और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इन परियोजना को शुरू करने की कवायद की. प्रस्ताव प्रधानमंत्री के सामने रखा और जनहित में इसे स्वीकार कर लिया गया. बीते 17 दिसंबर को वाराणसी में पीएम नरेन्द्र मोदी के हाथों कई परियोजना का लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान आरवीएनएल ने इसका उदघाटन कराने की पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन सही मौके पर पीएमओ ने इसका उदघाटन रोक दिया गया।

संभावना जताई गई है कि प्रधानमंत्री के आगमन पर ही इसका लोकार्पण होगा। वैसे 17 या 20 फरवरी को भी हो सकता है। उधर, आरवीएनएल (रेलवे विकास निगम लि.) के प्रोजेक्ट मैनेजर जीवेश ठाकुर ने बताया कि जनवरी तक प्रोजेक्ट का कार्य पूरा हो जाएगा। उदघाटन की तिथि पीएमओ के स्तर से तय होनी है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading