रिपोर्टर : हसीन अंसारी
जमानियां (Zamania, Ghazipur) क्षेत्र में जमानियां-धरम्मरपुर (Zamania-Dharmmarpur) मार्ग पर स्थित गंगा पुल से भारी वाहनों का आवागमन रोकने के उद्देश्य से लगाए गए हाइट गेज बैरियर (Height Gauge Barrier) को जिला प्रशासन के आदेश पर फिर से हटा दिया गया। बैरियर के हटते ही पुल से भारी वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुल की क्षति पर बढ़ी थी चिंता:
जमानियां से धरम्मरपुर की ओर जाने वाले गंगा पुल पर लंबे समय से ओवरलोड भारी वाहनों का आवागमन होता रहा है। दिन-रात लगातार चल रहे इन वाहनों के दबाव से पुल की ऊपरी सतह पर दरारें उत्पन्न हो गई थीं। पुल की स्थिति खराब होती देख जमानियां और करंडा क्षेत्र (Karanda Area) के लोगों ने कई बार प्रशासन को पत्र देकर पुल पर हाइट गेज बैरियर लगाए जाने की मांग की थी ताकि भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके और पुल को किसी बड़े नुकसान से बचाया जा सके।
एनएचएआई की पहल पर लगाया गया था बैरियर:
लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने पहल करते हुए कोतवाली पुलिस के सहयोग से 30 सितंबर को पुल के एप्रोच मार्ग पर हाइट गेज बैरियर स्थापित कराया था। इस कदम का उद्देश्य था कि केवल निर्धारित ऊंचाई वाले हल्के वाहन ही पुल से गुजर सकें, जबकि ओवरलोड और अत्यधिक ऊंचाई वाले वाहनों को रोका जा सके। बैरियर लगने के बाद कुछ समय तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगा रहा और स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की।
डेढ़ महीने बाद हटाया गया गार्डर:
लगभग डेढ़ महीने बाद अचानक बैरियर में लगे लोहे के गार्डर को हटा दिया गया। इसके हटने के तुरंत बाद भारी वाहनों ने एक बार फिर पुल से गुजरना शुरू कर दिया है, जिससे पुल की सुरक्षा पर खतरा बढ़ने की संभावना फिर से खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की और आशंका जताई कि यदि भारी वाहनों का दबाव इसी तरह जारी रहा, तो पुल की स्थिति और खराब हो सकती है।
एसडीएम ने दी स्पष्टीकरण:
इस संबंध में जब सिविल प्रशासन से जानकारी ली गई, तो एसडीएम ज्योति चौरसिया (SDM Jyoti Chaurasiya) ने बताया कि बैरियर को हटाने का निर्णय जिला के उच्चाधिकारियों के आदेश पर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोग अब भी इस निर्णय को लेकर असमंजस और चिंता में हैं।
स्थानीय लोगों में बनी आशंका:
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि पुल पहले से ही दरारों से प्रभावित है और भारी वाहनों की वापसी से इसके और अधिक कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। लोगों का यह भी कहना है कि बैरियर लगने से पहले जिस प्रकार ओवरलोड वाहन बेखौफ गुजरते थे, वही स्थिति अब फिर दिखने लगी है। ऐसे में प्रशासन को जल्द कोई वैकल्पिक समाधान निकालने की आवश्यकता है।
अंत में स्थिति जस की तस:
बैरियर हटने से फिलहाल भारी वाहनों का दबाव पुनः बढ़ गया है और पुल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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